बुलंद सोच, जबलपुर।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कटनी ट्रांसपोर्ट नगर के 115 भूखंडों की निविदा प्रक्रिया पर महत्वपूर्ण व्यवस्था दी है, जिसमें कहा गया है कि निविदा के आधार पर होने वाला कोई भी आवंटन रिट याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा ने कटनी ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की याचिका पर यह आदेश दिया।
एसोसिएशन की ओर से दीपक पंजवानी, नेहा भाटिया, स्वराज शुक्ला, विकास सिंह परमार और दिया रूचंदानी ने पैरवी की।
एसोसिएशन की आपत्ति
याचिका में कहा गया है कि कटनी शहर में ट्रकों की आवाजाही रोकने के उद्देश्य से वर्ष 1983 में पुरैनी की शासकीय भूमि ट्रांसपोर्ट नगर के लिए आवंटित की गई थी। योजना के तहत 114 ट्रांसपोर्टरों को भूखंड मिल चुके हैं, जबकि शेष 115 भूखंडों के आवंटन के बजाय नगर निगम ने अब निविदा के जरिए नीलामी शुरू कर दी है। एसोसिएशन ने इस प्रक्रिया को शासन के आदेश तथा हाई कोर्ट के वर्ष 2006 के आदेश के विपरीत बताया है।
शासन का जवाब और कोर्ट की टिप्पणी
शासन ने प्रस्तावित भूमि का मूल्य करीब 44.88 करोड़ रुपये बताया है और जवाब के लिए समय मांगा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निविदा से होने वाला आवंटन याचिका के निर्णय के अधीन रहेगा। कानून विशेषज्ञों के अनुसार, यदि याचिका मंजूर होती है तो आवंटन निरस्त होकर निविदाकार की राशि लौटाई जा सकती है।

