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2026-08-06

खंडवा में किशोर कुमार का 97वां जन्मदिन, मध्य प्रदेश सरकार मना रही ‘खंडवा गौरव दिवस’

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, खंडवा।

बॉलीवुड के हरफनमौला कलाकार किशोर कुमार का आज (4 अगस्त) 97वां जन्मदिन है। उन्होंने ‘जिंदगी एक सफर है सुहाना’, ‘रूप तेरा मस्ताना’ और ‘मेरे सपनों की रानी’ जैसे सैकड़ों सदाबहार नगमों से पीढ़ियों को झूमने पर मजबूर किया। गायकी, अभिनय और निर्देशन सहित कला के हर रंग में माहिर इस महान शख्सियत की याद में उनका पैतृक शहर खंडवा पूरी तरह से जश्न में डूबा हुआ है। मध्य प्रदेश सरकार इस खास दिन को बड़े उत्साह के साथ ‘खंडवा गौरव दिवस’ के रूप में मना रही है। पूरे तीन दिनों तक शहर की फिजाओं में सिर्फ किशोर कुमार के ही तराने गूंज रहे हैं। कुछ लोग उनके सबसे पसंदीदा व्यंजन ‘दूध-जलेबी’ का भोग लगाकर अपने चहेते सितारे को मीठी श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

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‘आभास’ से ‘किशोर’ बनने का सफर

किशोर कुमार का जन्म 4 अगस्त 1929 को खंडवा के बॉम्बे बाजार स्थित ‘गांगुली हाउस’ में वकील कुंजीलाल गांगुली के घर हुआ था। उनका नाम ‘आभास कुमार गांगुली’ रखा गया था। यही बच्चा आगे चलकर अपनी जादुई आवाज से पूरी दुनिया में ‘किशोर कुमार’ के नाम से प्रसिद्ध हुआ। कामयाबी के सबसे ऊंचे शिखर पर पहुंचने के बावजूद, किशोर कुमार का दिल हमेशा अपनी मिट्टी के लिए धड़कता रहा। वे मायानगरी मुंबई में भी बड़े फख्र से कहते थे, “मैं हूं किशोर कुमार, खंडवा वाला।”

खंडवा को अपने लाडले पर नाज

किशोर कुमार का एक खूबसूरत सपना था कि वे जिंदगी के आखिरी पलों में वापस अपने शहर लौटकर सुकून से बसें। हालांकि, उनका यह सपना अधूरा रह गया। आज भी उनका वह पुश्तैनी घर ‘गांगुली हाउस’ उनकी राह निहारता महसूस होता है। भले ही वक्त के साथ उसकी दीवारें पुरानी हो गई हैं, लेकिन वहां से जुड़ी यादें आज भी एकदम ताजा हैं। आज इस खास मौके पर खंडवा वासियों की आंखों में अपने लाडले सपूत के लिए गर्व और प्यार साफ झलकता है। शहरवासियों को पूरी उम्मीद है कि जल्द ही उनके पुश्तैनी मकान को एक भव्य स्मारक का रूप देकर सहेजा जाएगा। किशोर कुमार भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन अपनी खिलखिलाती आवाज और मस्ती भरे अंदाज के जरिए वे हमेशा हमारे दिलों में मुस्कुराते रहेंगे। एक बार किशोर कुमार ने बिना किसी तकनीक के अकेले 21 अलग-अलग आवाजें निकाली थीं।