बुलंद सोच, भोपाल।
प्रदेश के अधिकांश जिलों में बुधवार को झमाझम और रिमझिम वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक 34 मिलीमीटर वर्षा दतिया में रिकॉर्ड की गई। इसके अतिरिक्त, उज्जैन में 20 मिलीमीटर वर्षा हुई, जबकि सीधी और पचमढ़ी में 17-17 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में कहीं हल्की बूंदाबांदी तो कहीं तेज बौछारें पड़ीं। लगातार हुई इस वर्षा के कारण प्रदेश में दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव देखा गया।
आगामी दिनों के लिए अलर्ट
मौसम विभाग ने हरदा, देवास, नर्मदापुरम, बुरहानपुर और धार जिलों के लिए बिजली चमकने के साथ भारी से अति भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही, भोपाल, विदिशा और गुना समेत प्रदेश के 47 जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा की चेतावनी दी गई है, जिसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले चार दिन प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां तेज रहेंगी।
सक्रिय मौसम प्रणालियां
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, बुधवार सुबह छत्तीसगढ़ और ओडिशा के ऊपर एक गहरा अवदाब बना हुआ था। अगले 24 घंटों के दौरान इसके पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर से गुजरने की संभावना जताई गई है। इस अवदाब के कारण पूरे राज्य में नमी और वर्षा का माहौल बना हुआ है। वर्तमान में केवल गहरा अवदाब ही नहीं, बल्कि कई मौसम प्रणालियां एक-दूसरे को मजबूत कर रही हैं। समुद्र तल पर मानसून द्रोणिका श्रीगंगानगर, भिवानी, ग्वालियर, सीधी, गहरे अवदाब के केंद्र और पुरी से होकर बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। मध्य भारत के ऊपर पूर्व-पश्चिम शियर जोन सक्रिय है, जो ऊपरी वायुमंडल में नमी और संवहन को बढ़ा रहा है। इसके अतिरिक्त, उत्तर पाकिस्तान व जम्मू क्षेत्र पर पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वोत्तर असम पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। इन सभी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से मध्य भारत में मानसून अत्यंत सक्रिय हो गया है।
बुधवार शाम 5:30 बजे तक हुई वर्षा (मिलीमीटर में)
बैतूल: 3.0
भोपाल: 0.2
छिंदवाड़ा: 14
दमोह: 2.0
गुना: 10
ग्वालियर: 7.0
इंदौर: 1.0
जबलपुर: 3.0
खजुराहो: 2.0
मंडला: 2.0
नरसिंहपुर: 3.0
राजगढ़: 1.0
रीवा: 1.0
सागर: 5.0
सिवनी: 0.6

