बुलंद सोच, भोपाल।

मानसून के फिर सक्रिय होने से प्रदेश के पूर्वी और मध्य क्षेत्र के जिले रविवार को तरबतर हो गए। घने बादलों और 98 प्रतिशत तक नमी के बावजूद भोपाल में केवल हल्की फुहारें पड़ीं। शनिवार रात से रविवार शाम 5:30 बजे तक भोपाल में छह मिमी वर्षा दर्ज की गई।
दूसरी ओर, पूर्वी सीमा से लेकर आसपास के कुछ जिलों में मूसलाधार बारिश हुई। रायसेन, नरसिंहपुर, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में अति भारी वर्षा दर्ज की गई, जबकि गुना, विदिशा, सिवनी, मंडला और बालाघाट जिलों में भारी वर्षा हुई।
बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने 10 अगस्त को रायसेन, नर्मदापुरम, जबलपुर, नरसिंहपुर और सिवनी में कहीं-कहीं अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
इसके अतिरिक्त, विदिशा, राजगढ़, बैतूल, गुना, कटनी, छिंदवाड़ा, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर, छतरपुर और पांडुर्णा में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। अन्य कई जिलों में भी बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा।
दर्ज वर्षा
शनिवार रात से सोमवार सुबह तक डिंडौरी जिले में सबसे भारी वर्षा दर्ज की गई। यहां के बजाग में 150 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई।
डिंडौरी, समनापुर और कुछ अन्य स्थानों पर भी अति भारी वर्षा दर्ज की गई। इस वर्षा के कारण नर्मदा और उसकी सहायक नदियां उफना गईं।
सिवनी, मंडला, अनूपपुर, रायसेन और नरसिंहपुर जिलों में भी कई केंद्रों पर अति भारी वर्षा दर्ज हुई है।
रायसेन के उदयपुरा में 143 मिमी और देवरी में 128.2 मिमी वर्षा हो चुकी थी।
नदियों का उफान और मार्ग बाधित
विदिशा के पठारी क्षेत्र में इस सीजन की सबसे भारी वर्षा दर्ज की गई, जहां 98 मिमी वर्षा हुई।
इस बारिश की वजह से क्षेत्र की रेहटी और बघर्रू नदियों में बाढ़ आ गई। रेहटी नदी के उफान के कारण पठारी से खुरई जाने वाला मार्ग बंद हो गया। वहीं, बघर्रू नदी का पानी चढ़ जाने से पठारी से त्योंदा जाने वाले मार्ग को भी बंद कर दिया गया।
गुना में रविवार दिन भर रुक-रुककर वर्षा जारी रही, शाम 5:30 बजे तक 55 मिमी पानी बरस चुका था। नर्मदापुरम में 53 मिमी और पचमढ़ी में 63 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
मौसम प्रणाली
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, एक कम दबाव का क्षेत्र उत्तर ओडिशा और झारखंड से आगे बढ़कर पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और उससे लगे छत्तीसगढ़ पर सक्रिय है। इसका चक्रवाती परिसंचरण 7.6 किमी ऊंचाई तक फैला हुआ है।
मानसून ट्रफ भी इसी क्षेत्र से गुजर रही है, जिससे प्रदेश में नमी और बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं।

