बुलंद सोच, इंदौर।
मेजर हमजा आरिफ का पार्थिव शरीर रविवार सुबह इंदौर स्थित राजेंद्र नगर निवास पर पहुंचा। उनका निधन राजस्थान के जैसलमेर में हुए सड़क हादसे में हुआ था।
सुबह से ही उनके निवास पर लोगों का तांता लगा रहा। सबसे पहले पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया।
सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई
शव दफनाने से पहले पार्थिव देह से तिरंगे को सम्मान के साथ हटाकर मेजर हमजा की पत्नी को सौंपा गया।
इस दौरान उनकी पत्नी की आंखों से आंसू नहीं थम रहे थे, और मेजर हमजा के परिजनों की आंखें भी नम थीं।
जैसलमेर से पार्थिव देह की यात्रा
मेजर हमजा के परिजन शनिवार सुबह जैसलमेर से सेना के विशेष वाहन में पार्थिव देह को सड़क मार्ग से लेकर निकले थे।
देर रात शव इंदौर पहुंचा। सबसे पहले वाहन महू छावनी पहुंचा, जहां मेजर हमजा को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद पार्थिव देह को उनके निवास पर लाया गया।
सड़क हादसे का विवरण
हादसा गुरुवार देर रात को हुआ था, जब मेजर हमजा ड्यूटी पूरी कर लौट रहे थे। सेना की टाटा सफारी अचानक सड़क पर आए ऊंट से टकरा गई।
टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन पांच बार पलट गया। इस हादसे में मेजर हमजा की मौत हो गई।
इस दुर्घटना में लेफ्टिनेंट आयुष्मान और लेफ्टिनेंट अभिनव राठौड़ गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज चल रहा है।

