बुलंद सोच।
मध्य प्रदेश सरकार ने विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने सदन में 7,765.77 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इस अनुपूरक बजट पर चर्चा के लिए बुधवार को एक घंटे का समय निर्धारित किया है।
अनुपूरक बजट में 3,000 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा प्रावधान नर्मदा घाटी विकास विभाग के लिए किया गया है। यह राशि सिंचाई परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण से जुड़े कार्यों पर व्यय की जाएगी।
बजट में 907.59 करोड़ रुपये राजस्व व्यय के लिए और 6,858.18 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए प्रस्तावित किए गए हैं।
सरकार का कहना है कि अतिरिक्त राशि का उपयोग अधोसंरचना, कृषि, शिक्षा, परिवहन और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं को गति देने के लिए किया जाएगा।
विभिन्न विभागों हेतु प्रावधान
सरकार ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना के लिए 101 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के लिए परिवहन विभाग को 28.26 करोड़ रुपये और नगरीय विकास विभाग को 21.41 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
कृषि क्षेत्र में भावांतर एवं फ्लैट रेट योजना के लिए 313.18 करोड़ रुपये तथा कपास प्रोत्साहन योजना के लिए 39.51 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को सड़क, पुल और बीओटी (बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर) परियोजनाओं के लिए 1,300 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
खाद्य विभाग के तहत उपार्जन संस्थाओं को ऋण उपलब्ध कराने के लिए 2,220.62 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
गृह विभाग में इंटर ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) के लिए 98.83 करोड़ रुपये और पुलिस आधुनिकीकरण के लिए 58.52 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
इसके अलावा, राजस्व विभाग को राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (एनडीआरएफ) से प्राप्त राशि के हस्तांतरण के लिए 397.54 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
स्कूल शिक्षा विभाग के तहत मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरण के लिए 58.07 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उच्च शिक्षा विभाग को पीएम-उषा योजना के लिए 50 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
पर्यटन नीति के क्रियान्वयन के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
अनुपूरक बजट में अटल सुशासन संस्थान के लिए 25 करोड़ रुपये, जल संसाधन विभाग में डिक्रीधीन भुगतान के लिए 10 करोड़ रुपये तथा घुमंतू एवं अर्धघुमंतू समुदायों की विशेष योजनाओं के लिए 6.02 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है।
