बुलंद सोच, ग्वालियर।
मुरार जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक बनाने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। अस्पताल के द्वितीय तल पर करीब पांच महीने पहले शुरू हुआ अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (ओटी) तकनीकी व्यवस्थाओं की पोल खोल रहा है। पिछले छह दिनों से ओटी का एयर कंडीशनिंग (एसी) ठीक से काम नहीं कर रहा है।
एसी बंद होने के कारण इस उमस भरी गर्मी में डॉक्टरों को पसीने से तरबतर होकर ऑपरेशन करने पड़ रहे हैं। इससे मरीजों में संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है।
जिला अस्पताल मुरार के ऑपरेशन थिएटर में लगी बड़ी एसी यूनिट के आउटडोर की मोटर जल जाने से पूरा सिस्टम ठप हो गया है। छह दिन बीत जाने के बाद भी यह खराबी दूर नहीं की जा सकी है।
एसी बंद होने का सबसे अधिक असर आर्थोपेडिक विभाग की सर्जरी पर पड़ा है, जिससे रोजाना होने वाली सर्जरी की संख्या में कमी आई है।
डॉक्टरों का कहना है कि एसी खराब होने से गर्मी और उमस के कारण कम संख्या में ऑपरेशन हो रहे हैं, जिससे मरीजों की वेटिंग बढ़ गई है। कई मरीज दर्द और परेशानी के बावजूद ऑपरेशन की तारीख का इंतजार करने को मजबूर हैं।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी समय पर ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ रही है।
अस्पताल के इस ऑपरेशन थिएटर का निर्माण एमपी हाउसिंग बोर्ड द्वारा कराया गया था। इस मामले में जब सिविल सर्जन डॉ. सीमा जायसवाल से कारण पूछा गया तो उन्होंने जानकारी न होने की बात कही और फिर रविवार की छुट्टी का हवाला देकर फोन काट दिया।

