बुलंद सोच, देवास।

नर्मदा नदी के कैचमेंट क्षेत्र में लगातार वर्षा के चलते नेमावर में नर्मदा का जलस्तर बढ़ रहा है। वर्तमान में नर्मदा का जलस्तर 875 फीट के आसपास चल रहा है, जो खतरे के निशान 885 फीट से लगभग 10 फीट नीचे है।
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति बनने से रोकने के लिए बुधवार को हरियाली अमावस्या पर नर्मदा के घाटों पर स्नान प्रतिबंधित कर दिया है।
इस संबंध में खातेगांव के एसडीएम राजेंद्र पंवार ने आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों के अनुसार, नेमावर सहित खातेगांव और हरणगांव क्षेत्र के सभी तटों पर स्नान पर रोक लगाई गई है।
निचली बस्तियों में सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं। नेमावर में नर्मदा का जलस्तर 885 फीट पहुंचते ही निचली बस्तियों में पानी भरने लगता है।
वर्तमान में बाढ़ आने जैसी स्थिति नहीं है। हालांकि, सतर्कता के लिए प्रशासन और नगर परिषद के कर्मचारियों द्वारा निचली बस्तियों में रहवासियों को सावधानी रखने की सलाह दी जा रही है।
नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद मंगलवार शाम तक की स्थिति में स्नान वाले नागर घाट और सिद्धनाथ घाट आधे से अधिक डूब चुके हैं।
अमावस्या पर स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंगलवार को ही एक दिन पहले नेमावर पहुंच गए हैं। इनमें से अधिकांश श्रद्धालु ऐसे हैं जो कई किलोमीटर दूर से पैदल यात्रा करके आए हैं।
क्षेत्र में दो दिनों से वर्षा का दौर रुक-रुककर चल रहा है। हालांकि, रिमझिम वर्षा होने से स्थानीय स्तर पर नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी नहीं हो रही है। नर्मदा की क्षेत्रीय सहायक नदियों का जलस्तर भी सामान्य बना हुआ है।

