बुलंद सोच।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक मंगलवार को संसद पुस्तकालय भवन (पीएलबी) में शुरू हुई। यह बैठक लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किए जाने के एक दिन बाद आयोजित की गई। इस बैठक में पहली बार तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए और अब एनसीपीआई सांसद बन चुके नेता चर्चा में शामिल हुए। एनसीपीआई सांसद काकोली घोष, शताब्दी रॉय और सायोनी घोष, जो पहले तृणमूल कांग्रेस के साथ थे, इस बैठक में उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह सहित अन्य एनडीए सांसद बैठक में शामिल होने के लिए जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम पहुंचे।
प्रमुख चर्चा के मुद्दे
एनडीए नेताओं की यह बैठक ऐसे समय में बुलाई गई है, जब केंद्र सरकार नकल विरोधी विधेयक को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। वहीं, विपक्ष जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित ‘पुलिस की ज्यादती’ के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने यह विधेयक सोमवार को लोकसभा में पेश किया था। इस दौरान विपक्ष लगातार जोरदार नारेबाजी कर रहा था। इस विधेयक के माध्यम से सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में संशोधन किया जाएगा। जंतर-मंतर पर दंगारोधी हथियारों के इस्तेमाल का दावा किया गया है, जहां डीसीपी के आदेश पर आरएएफ ने 70 से ज्यादा शैल दागे।
नकल विरोधी विधेयक के प्रावधान
प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य सख्त कानूनी प्रावधानों के माध्यम से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और ईमानदारी को बढ़ाना है। इसके साथ ही, यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित रहे। इसके प्रमुख प्रावधानों में कड़ी सजा शामिल है, जिसमें 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना शामिल है। दोषी पाए जाने वालों की संपत्ति जब्त करने का प्रावधान भी है और यह सुनिश्चित करने के लिए एक व्यवस्था बनाई जाएगी कि फैसले तीन महीने के भीतर दिए जाएं।
‘मंगल मिलन’ बैठक का उद्देश्य
‘मंगल मिलन’ बैठक वास्तव में एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक रणनीति बैठक का बदला हुआ नाम है। इसका मकसद रचनात्मक चर्चा को बढ़ावा देना और गठबंधन के सहयोगियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना है। संसद सत्र के दौरान रोजाना सदन की रणनीति तैयार करने और अलग-अलग दलों के बीच सहमति बनाने के अलावा, ‘मंगल मिलन’ बैठक एनडीए के सहयोगी दलों के साथ समन्वय बढ़ाने का माध्यम भी है। यह बैठक एनडीए सांसदों की बहस में भागीदारी बढ़ाने और प्रमुख सहयोगी दलों के नेताओं को बोलने का समय और जिम्मेदारी तय करने में मदद करती है। इसमें शिवसेना, एलजेपी, टीडीपी, जेडीयू और अन्य क्षेत्रीय दलों के सहयोगी नेता शामिल होते हैं।

