बुलंद सोच, दिल्ली।
नीट पेपर लीक के बाद सोशल मीडिया पर शुरू हुई कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) मुहिम बीते चार हफ्ते से अधिक समय से लगातार सुर्खियों में बनी हुई है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सीजेपी द्वारा आयोजित शांतिपूर्ण संसद मार्च के दौरान छात्रों और युवाओं पर दिल्ली पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया। अगले दिन, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में एक प्रदर्शन भी हुआ, जो लगातार चर्चा का विषय है।

विपक्ष सरकार पर जिम्मेदारी और जवाबदेही से बचने का आरोप लगा रहा है, जिसके बाद आक्रोशित नेता प्रधानमंत्री आवास की दहलीज तक पहुंच गए।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंचकर सीजेपी के आंदोलन के साथ एकजुटता प्रकट की। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है।

शिक्षा मंत्री का बयान
दिन भर चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद देर रात शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बयान भी सामने आया।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने बयान में कहा कि राहुल गांधी छात्रों का फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि “हमें गुस्से से कहीं अधिक करने की जरूरत है।”
