बुलंद सोच, नरसिंहपुर।

प्रदेश सरकार द्वारा उच्च शिक्षा को सुदृढ़ करने के तमाम बड़े-बड़े दावों के बीच नरसिंहपुर के सालीचौका स्थित शासकीय महाविद्यालय की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
वर्ष 2023 में सालीचौका को शासकीय महाविद्यालय की सौगात तो दे दी गई, लेकिन यह संस्थान आज मूलभूत सुविधाओं से पूरी तरह दूर है। महाविद्यालय एक डिग्री कॉलेज के बजाय किसी जर्जर ‘आंगनबाड़ी केंद्र’ जैसी स्थिति में संचालित हो रहा है, जहां न व्यवस्थित भवन है और न ही पानी, बिजली या शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
महाविद्यालय का संचालन शासकीय बालक शाला के जर्जर भवन के एकमात्र हॉल में किया जा रहा है। इसी एक हॉल में कला, वाणिज्य और विज्ञान तीनों संकायों के करीब 75 छात्र-छात्राएं एक साथ बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं।
पूरे कॉलेज में बैठने के लिए महज 12 बेंचें उपलब्ध हैं, जिसके कारण कई विद्यार्थियों को खड़े रहना पड़ता है। बारिश के दिनों में स्थिति और भयावह हो जाती है; लेंटर से टपकते पानी को रोकने और फर्श पर फैलने से बचाने के लिए विद्यार्थियों को बेंचों पर बाल्टी रखनी पड़ रही है।
शिक्षकों की भारी कमी
उच्च शिक्षा व्यवस्था की सबसे गंभीर तस्वीर यह है कि महाविद्यालय में प्राध्यापकों एवं अन्य कर्मचारियों के कुल 25 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में महज एक शिक्षक (प्रभारी प्राचार्य) पदस्थ हैं। वे केवल हिंदी विषय पढ़ाते हैं।
बाकी सभी विषयों के शिक्षक न होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी तरह ठप है और उनका शैक्षणिक भविष्य अंधकार में दिखाई दे रहा है।
शौचालय और गंदगी की समस्या
महाविद्यालय में शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। छात्राओं को नित्यकर्म और आपात स्थिति में पास स्थित अन्य स्कूल के शौचालय में जाना पड़ता है, जहां के दरवाजे टूटे हुए हैं और खिड़कियों पर पल्ले नहीं हैं।
पूरे परिसर में गंदगी फैली हुई है और मुख्य मार्ग भी व्यवस्थित नहीं है।
प्रभारी प्राचार्य का बयान
सालीचौका महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य दर्शन पटेल ने बताया कि उन्हें चार माह पहले प्राचार्य का प्रभार मिला है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में केवल वही छात्रों को हिंदी पढ़ाते हैं।
दर्शन पटेल के अनुसार, कलेक्टर मैडम के दौरे के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी समस्याएं रखी थीं। उन्होंने यह भी बताया कि व्यवस्थाओं में सुधार के लिए उच्च अधिकारियों व अग्रणी महाविद्यालय को लगातार पत्राचार किया जा रहा है।
कलेक्टर का आश्वासन
नरसिंहपुर कलेक्टर रजनी सिंह ने जानकारी दी कि महाविद्यालय वर्ष 2023 में स्वीकृत हुआ था। उन्होंने बताया कि नए भवन के लिए भूमि स्वीकृत कर ली गई है और शासन स्तर से निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।
कलेक्टर सिंह ने यह भी कहा कि पेयजल व्यवस्था नगर पालिका करेगी। उन्होंने छात्राओं की सुविधा के लिए महाविद्यालय के समीप प्राथमिकता के आधार पर शौचालय निर्माण के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।

