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2026-08-07

श्यामू हाथी महाकाल सवारी में सेवा का एक दशक करेगा पूरा

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, उज्जैन।

भगवान महाकाल की श्रावण मास की दूसरी सवारी 10 अगस्त को निकलेगी। यह सवारी श्यामू हाथी के लिए यादगार होगी। श्यामू इस बार सवारी में अपनी सेवा का एक दशक पूरा करेगा। वह वर्ष 2016 में पहली बार बाबा महाकाल की सेवा में शामिल हुआ था।

श्यामू की विशेष दिनचर्या

सवारी वाले दिन श्यामू सुबह से उपवास रखेगा। मंदिर रवाना होने से पहले वह केवल फलाहार करेगा। भगवान महाकाल का नगर भ्रमण संपन्न होने के बाद घर लौटने पर उसे भोजन कराया जाएगा। श्यामू हाथी के मालिक श्रवण गिरी महाराज ने बताया कि सवारी वाला सोमवार श्यामू के लिए विशेष होता है। सुबह से ही उसके व्यवहार में बदलाव दिखाई देने लगता है और वह झूमने लगता है, मानो उसे भगवान महाकाल की सेवा का समय होने का आभास हो गया हो। दस सालों से सवारी के दिन श्यामू की दिनचर्या निर्धारित है। सुबह करीब नौ बजे श्यामू को स्नान कराया जाएगा। इसके बाद उसे विशेष रूप से सजाया-संवारा जाएगा। तैयार होने के बाद उसे लगभग 30 किलो ककड़ी, 10 किलो तरबूज, 10 किलो केले और 10 किलो पपीता का फलाहार कराया जाएगा। इसके बाद वह महाकाल मंदिर के लिए रवाना होगा। करीब दो घंटे की यात्रा के बाद मंदिर पहुंचने पर उसकी पीठ पर चांदी का हौदा सजाया जाएगा, जिसमें भगवान महाकाल मनमहेश स्वरूप में विराजमान होकर शाही सवारी पर निकलेंगे। सवारी संपन्न होने के बाद शाम करीब 7.30 बजे श्यामू अपने निवास लौटेगा। इसके बाद उसका उपवास पूरा होगा और उसे हरी घास, चोकर तथा आटे से तैयार पौष्टिक भोजन कराया जाएगा।

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मालिक का पक्ष

श्रवण गिरी महाराज ने बताया कि मंदिर समिति के निर्णय से उनका पूरा परिवार प्रसन्न है। उनका कहना है कि यह सब भगवान महाकाल की कृपा है। कुछ लोगों ने श्यामू को शहर से बाहर भेजने के लिए तरह-तरह के प्रयास और षड़यंत्र किए, लेकिन अंततः बाबा की इच्छा से श्यामू को फिर सेवा का अवसर मिला। महाराज ने बताया कि उनके हाथियों का परिवार 46 वर्षों से महाकाल की सेवा कर रहा है।

स्वास्थ्य संबंधी चिंता

करीब एक माह पहले श्यामू हाथी की जांच करने वाले चिकित्सक डा.मुकेश जैन ने श्यामू को बीमार बताया था। पार्षद ने श्यामू के बेकाबू होने की शिकायत भी की थी। इसके बाद वन विभाग हरकत में आया और डीएफओ अनुराग तिवारी श्रवण गिरी के निवास पर पहुंचे। अपनी निगरानी में हाथी का स्वास्थ्य परीक्षण व ब्लड सैंपलिंग कराई गई। पशु चिकित्सा विभाग ने ब्लड सैंपल जबलपुर स्थित लैब में जांच के लिए भेजे थे, लेकिन चिकित्सकों का कहना है कि अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है।