बुलंद सोच,।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को नोएडा में रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक के ध्वस्त हो चुके दो टावरों के घर खरीदारों को धन वापसी की मांग वाली याचिका पर सुनवाई तीन महीने के लिए स्थगित कर दी।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने सुनवाई स्थगित की। पीठ ने इस बात पर ध्यान दिया कि उन गृह खरीदारों के दावे को पूरा करने के प्रयास जारी हैं, जिन्होंने वैकल्पिक आवंटन का विकल्प नहीं चुना है। पीठ को बताया गया था कि घर खरीदारों के दावों को पूरा करने के लिए अन्य विकल्पों का पता लगाने हेतु तीन महीने का समय दिया जाना चाहिए।
कुछ घर खरीदारों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक वकील ने कहा कि उन्हें रिफंड नहीं मिल रहा है। वकील के अनुसार, आखिरी भुगतान 2024 में किया गया था।
इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ध्वस्त हो चुकी जुड़वां इमारतों के घर खरीदारों को अंतरिम समाधान पेशेवर (आईआरपी) द्वारा जमा की गई राशि में से आनुपातिक आधार पर रिफंड किया जाएगा।
रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक दिवालियापन और दिवाला संहिता (आईबीसी) के तहत दिवालियापन की कार्यवाही का सामना कर रही है।
नोएडा के सेक्टर 93ए में स्थित एमराल्ड कोर्ट प्रोजेक्ट की जुड़वां इमारतों को 28 अगस्त, 2022 को विस्फोटकों का इस्तेमाल करके गिरा दिया गया था।

