बुलंद सोच, इंदौर।
शिव भक्ति और दृढ़ संकल्प का एक उदाहरण इंदौर शहर में देखने को मिला है। भिंड जिले के प्राचीन वनखंडेश्वर मंदिर से पैदल यात्रा पर निकलीं महिला श्रद्धालु वंदना राठौर रविवार को इंदौर पहुंचीं।
वंदना राठौर कंधे पर भगवान भोलेनाथ की 11 किलोग्राम वजनी प्रतिमा लेकर चल रही हैं। उनके इंदौर पहुंचने पर स्थानीय निवासियों और शिवभक्तों ने उनका स्वागत किया।
वंदना राठौर ने यह पदयात्रा 17 जून को भिंड से प्रारंभ की थी। उनका मुख्य लक्ष्य लगभग 700 किलोमीटर की दूरी 70 दिन की अवधि में तय करना है।
इंदौर के इस पड़ाव के बाद यह यात्रा कुल 2 महीने 10 दिन का समय पूरा करके वापस भिंड पहुंचकर विधिवत संपन्न होगी।
वंदना के साथ इस आध्यात्मिक यात्रा में मुरैना निवासी नितिन शर्मा भी शामिल हैं। यह दोनों ही श्रद्धालु उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध बाबा महाकाल के दर्शन करने के उद्देश्य से निकले हैं।
यात्रा के दौरान वंदना लगातार 11 किलोग्राम वजनी भगवान शिव की प्रतिमा को अपने कंधे पर रखकर सफर तय कर रही हैं।
मुरैना के रहने वाले नितिन शर्मा ने बताया कि उन्होंने मुरैना शहर से लगभग 500 किलोमीटर लंबी पदयात्रा का संकल्प लिया है। उनकी इस यात्रा को चलते हुए 48 दिन का समय बीत चुका है।
नितिन शर्मा ने स्पष्ट किया कि महाकाल मंदिर में दर्शन और पूजन करने के बाद वे आगे ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए भी जाएंगे।
भिंड निवासी वंदना राठौर ने अपनी दिनचर्या के बारे में बताया कि वह प्रतिदिन 10 से 23 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करती हैं।
भगवान शिव की 11 किलोग्राम वजनी प्रतिमा को हमेशा कंधे पर धारण किए रहना उनकी अटूट श्रद्धा को दर्शाता है।
उनकी यह पूरी पदयात्रा लगभग 70 दिनों में समाप्त होगी। रास्ते में पड़ने वाले विभिन्न मंदिरों और स्थानीय श्रद्धालुओं द्वारा उनके रहने और भोजन की समुचित व्यवस्था की जाती है।
उज्जैन में महाकाल के दर्शन पूर्ण करने के पश्चात् वह भी ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए प्रस्थान करेंगी।

