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हाई कोर्ट ने विधायक कार्यालय में शिक्षक की प्रतिनियुक्ति पर मांगा जवाब

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, जबलपुर।

सीधी जिले से सामने आए एक मामले ने सरकारी शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति और उनके मूल दायित्व को लेकर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। इसमें एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को विधायक कार्यालय में फाइलें संभालने का कार्य सौंपा गया है। विधायक रीति पाठक के कार्यालय में लिपिकीय कार्य में लगाए गए माध्यमिक शिक्षक हीरालाल यादव की पदस्थापना को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। गोपद बनास तहसील की ग्राम पंचायत चौफल कोठार की सरपंच शोभा यादव ने इस संबंध में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ शिक्षक को अध्यापन से हटाकर विधायक के कार्यालय में बाबू का काम कराया जा रहा है, जिससे स्कूल में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

हाई कोर्ट ने जारी किया नोटिस

याचिका में यह भी कहा गया है कि शिक्षक को पहले कलेक्टर के आदेश से विधायक के कार्यालय भेजा गया था। बाद में हटाए जाने के बावजूद, अपर कलेक्टर के आदेश से उन्हें फिर वहीं पदस्थ कर दिया गया। शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल लौटने के निर्देश के बाद भी शिक्षक के वापस नहीं आने का दावा किया गया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने राज्य सरकार सहित संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता संतोष कुमार सिंह ने अपना पक्ष रखा। कोर्ट के जवाब के बाद यह स्पष्ट होगा कि शिक्षक को विधायक कार्यालय में लिपिकीय कार्य के लिए भेजने का प्रशासनिक और कानूनी आधार क्या है।

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