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2026-08-03

मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री पारस जैन का 77 वर्ष की आयु में इंदौर में निधन

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, इंदौर।

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री पारस जैन का सोमवार सुबह इंदौर के ज्यूपिटर अस्पताल में 77 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थे और उनका इलाज चल रहा था।

उनके निधन की खबर से उज्जैन सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है। विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के नेताओं ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।

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राजनीतिक सफर

पारस जैन उज्जैन की राजनीति का एक प्रमुख चेहरा थे और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दी थीं।

वर्ष 2005 से 2013 तक, उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार में वन, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण जैसे विभागों में राज्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभाई थी। दिसंबर 2013 में, उन्हें स्कूल शिक्षा विभाग का कैबिनेट मंत्री बनाया गया था, और वर्ष 2016 के मंत्रिमंडल में उन्हें ऊर्जा तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग का दायित्व सौंपा गया था।

उनकी राजनीतिक यात्रा कॉलेज जीवन से शुरू हुई थी, जहां वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सक्रिय कार्यकर्ता रहे और बाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े। चुनावी राजनीति में आने से पहले उन्होंने सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी।

उन्होंने वर्ष 1990 में पहली बार उज्जैन उत्तर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। 1993 के विधानसभा चुनाव में, जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी, तब भी उन्होंने उज्जैन उत्तर सीट पर अपनी जीत बरकरार रखी। इसके बाद, वर्ष 2003 से वे लगातार इसी सीट से विधायक चुने जाते रहे।

प्रारंभिक जीवन और व्यक्तित्व

पारसचंद्र जैन का जन्म 20 जून 1950 को उज्जैन में स्वर्गीय समरथमल जैन और श्रीमती कैलाशबाई जैन के घर हुआ था। उनके पिता अनाज के व्यापारी थे। उन्होंने विक्रम विश्वविद्यालय से बी.कॉम की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद पारिवारिक अनाज व्यवसाय से जुड़ गए।

अपने परिचितों के बीच वे “पारस पहलवान” के नाम से भी जाने जाते थे। उन्हें व्यायाम, योग और खेल गतिविधियों का विशेष शौक था। वर्ष 1978 में उनका विवाह अंगूरबाला जैन से हुआ था। धार्मिक नगरी उज्जैन में जन्म लेने के कारण उनकी आध्यात्मिक और धार्मिक गतिविधियों में गहरी रुचि रही, और वे सामाजिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी सक्रिय रहते थे। वर्ष 2016 के सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों में उन्होंने सिंहस्थ केंद्रीय समिति के सदस्य के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

अंतिम संस्कार

पूर्व मंत्री पारसचंद्र जैन की अंतिम यात्रा आज दोपहर 3 बजे उज्जैन स्थित हिरामिल मार्ग, अरिहंत नगर स्थित उनके निवास से निकाली जाएगी। उनके अंतिम दर्शन और अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में समर्थकों, जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।