BREAKING NEWS
2026-08-03

आउटसोर्स कर्मचारियों का भोपाल में प्रदर्शन, 26 अक्टूबर को मंत्रालय घेराव की चेतावनी

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

मध्य प्रदेश के कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर रविवार को भोपाल के शिवाजी नगर स्थित आंबेडकर मैदान में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में प्रदेशभर से लगभग 1500 कर्मचारियों ने भाग लिया।

Advertisement

कर्मचारियों ने सरकार से नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा, न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा और ठेकेदारी व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा।

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 17 सितंबर को पूरे प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर धरना दिया जाएगा। इसके बाद भी समाधान न निकलने पर 26 अक्टूबर को दो लाख आउटसोर्स कर्मचारी भोपाल में मंत्रालय का घेराव करेंगे।

धरने को संबोधित करते हुए भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर ने कहा कि संगठन लगभग दस वर्षों से कर्मचारियों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला है। उन्होंने सरकार से जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया, क्योंकि कर्मचारी अब आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं।

मध्य प्रदेश बाह्य स्रोत विद्युत कर्मचारी संगठन के महामंत्री राजन नायर ने कहा कि यह आंदोलन केवल शुरुआत है। उन्होंने आरोप लगाया कि आउटसोर्स कर्मचारियों को बिना पूर्व सूचना के नौकरी से निकाल दिया जाता है और उन्हें किसी भी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय रहते मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और व्यापक होगा।

प्रदेश सचिव राहुल मालवीय ने बताया कि संगठन पहले संवाद के माध्यम से समाधान चाहता है, लेकिन यदि सरकार ने सकारात्मक पहल नहीं की तो चरणबद्ध आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने 60 वर्ष तक सेवा सुरक्षा और सम्मानजनक वेतन की मांग दोहराई।

राजगढ़ के ब्यावरा से आए मीटर रीडर दुर्गेश मेवाड़े ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगने से हजारों मीटर रीडरों का भविष्य संकट में है। कर्मचारियों को नई तकनीक का प्रशिक्षण नहीं दिया जा रहा है और छोटी गलती पर उन्हें ब्लैकलिस्ट कर नौकरी से निकाल दिया जाता है। उन्होंने ठेकेदार के बजाय विभाग से सीधे भुगतान की व्यवस्था लागू करने की मांग की।

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 60 वर्ष तक सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करना, न्यूनतम 30 हजार रुपये मासिक वेतन लागू करना, आउटसोर्स निगम अथवा सर्विस सिक्योरिटी एक्ट का गठन करना, ठेकेदारी व्यवस्था समाप्त कर विभाग से सीधे वेतन भुगतान करना, समान कार्य के लिए समान वेतन, ईपीएफ, ईएसआइ और दुर्घटना बीमा सहित सामाजिक सुरक्षा का लाभ प्रदान करना शामिल है। अन्य मांगों में बिना जांच सेवा समाप्त करने पर रोक, नियमितीकरण की नीति बनाना, समय पर वेतन भुगतान और श्रम कानूनों का सख्ती से पालन, विभागीय भर्ती में अनुभव के आधार पर प्राथमिकता तथा संविदा दर्जे और 50 लाख रुपये का बीमा शामिल हैं।