बुलंद सोच, इंदौर।
प्रदेश में अपने वाहनों पर अवैध हूटर लगाकर वीआईपी रुतबा दिखाने के बढ़ते चलन के कारण बीते ढाई साल में यातायात पुलिस ने 1 हजार से अधिक चालान काटे हैं। इस मामले में सर्वाधिक कार्रवाई इंदौर में देखने को मिली, जहां 255 से अधिक लोगों पर कार्रवाई की गई। राजधानी भोपाल में भी 141 चालान कटे। बड़े शहरों के अलावा चंबल अंचल में मुरैना में 100 से अधिक और भिंड में 92 चालान दर्ज किए गए, हालांकि श्योपुर में केवल 10 लोगों पर कार्रवाई हुई। दतिया में 52 और उज्जैन में 68 चालान काटे गए। दिलचस्प बात यह है कि टीकमगढ़ जिले में बीते ढाई साल में हूटर लगाने का एक भी मामला सामने नहीं आया। विभिन्न जिलों में हुई चालानी कार्रवाई के आंकड़ों के अनुसार, शिवपुरी में वर्ष 2024 में 5, 2025 में 19 और 2026 में 0 चालान हुए। खरगोन में वर्ष 2024 में 5, 2025 में 6 और 2026 में 0 चालान दर्ज किए गए। सागर में वर्ष 2024 में 5, 2025 में 11 और 2026 में 0 चालान हुए। अशोकनगर में वर्ष 2024 में 3, 2025 में 8 और 2026 में 0 चालान दर्ज किए गए। नर्मदापुरम में वर्ष 2024 में 4, 2025 में 11 और 2026 में 0 चालान हुए। शाजापुर में वर्ष 2024 में 4, 2025 में 6 और 2026 में 0 चालान दर्ज किए गए। धार में वर्ष 2024 में 5, 2025 में 6 और 2026 में 1 चालान हुए। गुना में वर्ष 2024 में 0, 2025 में 9 और 2026 में 1 चालान दर्ज किए गए। नीमच में वर्ष 2024 में 11, 2025 में 0 और 2026 में 0 चालान हुए। विदिशा में वर्ष 2024 में 2, 2025 में 7 और 2026 में 1 चालान दर्ज किए गए। (नोट: वर्ष 2026 के आंकड़े 30 जून तक के हैं।)
चालान राशि जमा होने में अनियमितता
अवैध हूटर लगाने वालों से वसूली गई चालान की राशि का हिसाब पूरी तरह दुरुस्त नहीं है, क्योंकि प्रदेश के कई जिलों में यह राशि सरकारी खजाने तक पहुंचने से पहले ही ‘पेंडिंग’ हो गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 1 लाख रुपये से अधिक की राशि अब तक शासन के मद में जमा नहीं हो सकी है। देवास में वर्ष 2024 में दो चालानों से 60 हजार रुपये वसूले जाने की जानकारी दी गई, लेकिन खजाने में केवल 30 हजार रुपये ही जमा हुए। इंदौर में वर्ष 2025 के 56 हजार और वर्ष 2026 के 12 हजार रुपये अब तक सरकारी खजाने में जमा नहीं हो पाए हैं।
हूटर उपयोग संबंधी नियम
हूटर का उपयोग केवल उन वाहनों में किया जा सकता है, जिन्हें कानून अथवा शासन के आदेश से अनुमति प्राप्त हो। इनमें पुलिस वाहन, फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और अन्य अधिकृत इमरजेंसी सेवाओं के वाहन शामिल हैं, ताकि उन्हें प्राथमिकता मिल सके। आम नागरिक और राजनीतिक दलों के पदाधिकारी अपनी गाड़ियों में हूटर नहीं लगा सकते हैं। अवैध रूप से हूटर लगाने पर मोटरयान नियमों के तहत मौके पर शमन शुल्क वसूला जा सकता है, और नियम तोड़ने पर कोर्ट 500 से 1500 रुपये तक का जुर्माना लगा सकता है।
भोपाल में अन्य कार्रवाई
भोपाल में सड़क पर वीआईपी रौब दिखाने वाले 122 वाहनों के हूटर और काली फिल्म उतारे गए।

