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2026-07-31

दतिया विधानसभा उपचुनाव: 291 केंद्रों पर सुबह सात बजे से मतदान शुरू, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, दतिया।

दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान शुरू हो गया है। इसमें जिले के दो लाख 20 हजार 410 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से वोटिंग शुरू हुई, जो शाम छह बजे तक जारी रहेगी।
दतिया विधानसभा के मतदाताओं को ढाई साल बाद दोबारा अपना प्रतिनिधि चुनने का अवसर इस उपचुनाव के कारण मिल रहा है। विधानसभा में कुल मतदाताओं में एक लाख 16 हजार 116 पुरुष, एक लाख चार हजार 284 महिला और 10 अन्य मतदाता शामिल हैं।
इस उपचुनाव में कुल 21 उम्मीदवार मैदान में हैं। भाजपा ने अपने प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा है, वहीं कांग्रेस से प्रत्याशी घनश्याम सिंह और आसपा से दामोदर यादव चुनाव लड़ रहे हैं।
चुनाव का परिणाम तीन अगस्त को घोषित किया जाएगा।
मतदान प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए सभी 291 मतदान केंद्रों पर मतदान दल बुधवार को ईवीएम और मतदान सामग्री के साथ पहुंचे थे।
मतदान के दिन जिले में सामान्य अवकाश घोषित किया गया है, ताकि हर मतदाता अपना वोट डाल सके।
मतदान से एक दिन पहले बुधवार को अलसुबह पांच बजे से स्थानीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखेड़े और पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल की मौजूदगी में मतदान दलों को सामग्री का वितरण किया गया। सामग्री वितरण के लिए निर्धारित समय पर मतदान दल में शामिल कर्मचारी पहुंच गए और उन्हें सामग्री वितरित कर रवाना किया गया।
दतिया विधानसभा में दो आदर्श मतदान केंद्र भी बनाए गए हैं, जहां मतदाताओं के लिए सभी सुविधाएं मुहैया रहेंगी। इनमें केंद्रों पर छाया, पानी और बारिश से बचाव के इंतजाम शामिल हैं।
मतदान शुरू होने से ठीक 90 मिनट पूर्व मॉक पोल आयोजित किया जाएगा।

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सुरक्षा और व्यवस्था

उपचुनाव में पुलिस का सख्त इंतजाम रहेगा। मतदान के दौरान सुरक्षा प्रबंधों को देखते हुए पुलिस कर्मियों को चाक-चौबंद रहने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, मतदान के 48 घंटे पूर्व से ही क्षेत्र की सभी शराब दुकानों को बंद करा दिया गया है। इसके साथ ही पुलिस को निगरानीशुदा बदमाशों पर नजर बनाए रखने की हिदायत दी गई है, ताकि केंद्रों पर कोई अप्रिय स्थिति निर्मित न हो।
निर्वाचन के दौरान अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए दतिया जिले की सीमाओं पर 12 अंतरराज्यीय चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं। इन नाकों पर पुलिस और प्रशासनिक अमला 24 घंटे तैनात रहेगा तथा आने-जाने वाले प्रत्येक वाहन की सघन जांच की जा रही है।
अर्द्धसैनिक बलों की 16 कंपनी भी पूरे विधानसभा में सुरक्षा व्यवस्था संभालेगी।
बुधवार शाम को कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े और पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने कुछ मतदान केंद्रों का निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने मतदान कर्मियों और सुरक्षा बल के जवानों से संवाद भी किया।
उपचुनाव में प्रशासन ने मतदान की दृष्टि से विधानसभा क्षेत्र में कुछ मतदान केंद्रों को संवेदनशील माना है। सभी संवेदनशील मतदान केंद्रों पर पुलिस की सख्त निगरानी रहेगी। इन केंद्रों का तीन स्तर पर भ्रमण कर वहां की वर्तमान स्थिति का आकलन किया गया, जिसके बाद संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों को चिह्नित करने की प्रक्रिया पूरी की गई है। वहीं, मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग भी रहेगी, ताकि लगातार निगरानी रखी जा सके।

उपचुनाव का कारण और अन्य विवरण

दतिया में उपचुनाव की स्थिति यहां से कांग्रेस विधायक रहे राजेंद्र भारती के बैंक एफडी धोखाधड़ी मामले में कोर्ट से तीन साल की सजा सुनाए जाने के बाद उन्हें विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य कर दिए जाने के कारण बनी।
दो अप्रैल को दतिया विधानसभा सीट रिक्त हो जाने पर आयोग ने जुलाई में यहां उपचुनाव की घोषणा की थी।
इस विधानसभा उपचुनाव में पहली बार चार हजार 158 नव मतदाता वोट डालेंगे।
विधानसभा क्षेत्र के कुल 291 मतदान केंद्रों में ग्रामीण क्षेत्र में 185 और शहर क्षेत्र में 106 केंद्र बनाए गए हैं। इनमें नगरपालिका परिषद दतिया क्षेत्र में 96 और बड़ौनी में 10 केंद्र शामिल हैं।
इनमें शहरी व ग्रामीण के मिलाकर कुल 233 केंद्रों को संवेदनशील तथा 28 केंद्रों को अतिसंवेदनशील चिह्नित किया गया है।
पूरे विधानसभा क्षेत्र को 36 सेक्टरों में विभाजित कर प्रत्येक सेक्टर के लिए 36 सेक्टर अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, ताकि मतदान प्रक्रिया की सतत निगरानी की जा सके।
उपचुनाव में मतदान प्रक्रिया को पूरा कराने में लगभग 1280 मतदान कर्मियों तथा 215 माइक्रो ऑब्जर्वरों की तैनाती की गई है। इसमें प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारियों सहित पुलिस बल भी शामिल है।
मतदान केंद्रों पर हर दल पीठासीन अधिकारी सहित चार सदस्यीय होगा। इस तरह कुल 1280 कर्मचारियों के साथ ही स्थानीय कोटवार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, अतिथि शिक्षक भी मतदान केंद्रों पर तैनात रहेंगे। इसके अतिरिक्त पुलिस बल भी सुरक्षा प्रबंध के लिए मौजूद होगा।
मतदान के बाद सभी ईवीएम पुलिस की निगरानी में मतगणना स्थल पर बने स्ट्रांग रूम तक पहुंचाई जाएंगी।