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2026-07-22

बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, वैध आय से 258% अधिक संपत्ति मिली

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, इंदौर।

मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना स्थित कुल नौ ठिकानों पर मंगलवार सुबह लोकायुक्त पुलिस ने एक साथ छापामार कार्रवाई की।

प्रारंभिक जांच में सेमिल के पास वैध आय की तुलना में करोड़ों रुपये की अधिक संपत्ति होने के संकेत मिले हैं। लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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लोकायुक्त के अनुसार, शिवराम सेमिल ने अपने 33 वर्ष के सेवाकाल में लगभग दो करोड़ रुपये का शुद्ध वेतन प्राप्त किया, जबकि जांच में छह करोड़ पचास लाख रुपये से अधिक की संपत्ति और निवेश का पता चला है।

जीवन-यापन का खर्च जोड़ने पर कुल व्यय सात करोड़ सोलह लाख रुपये से अधिक आंका गया है, जो उनकी वैध आय से लगभग 258 प्रतिशत अधिक है।

इसी आधार पर भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

जांच के दौरान इंदौर की सिलिकॉन सिटी स्थित सी-44 पर लगभग एक करोड़ बीस लाख रुपये लागत का तीन मंजिला आलीशान मकान मिला, जिसमें सेमिल रहते हैं।

पीथमपुर सेक्टर-3 में पुत्र शुभम के नाम से शुभम इलेक्ट्रिकल नामक ट्रांसफार्मर निर्माण फैक्ट्री मिली, जिसकी अनुमानित लागत एक करोड़ पच्चीस लाख रुपये आंकी गई है।

जांच में यह भी सामने आया कि पुत्रवधू और अन्य परिजनों के नाम से कर्निश पावरजोन फर्म पंजीकृत है, जिसकी शेयर पूंजी पचास लाख रुपये है।

इस फर्म के नाम पर पीथमपुर में दो औद्योगिक भूखंड खरीदे गए हैं, जिनमें से एक पर पुरानी फैक्ट्री संचालित है जबकि दूसरे पर नई फैक्ट्री का निर्माण चल रहा है, जिस पर अब तक लगभग एक करोड़ रुपये खर्च होना पाया गया है।

लोकायुक्त को धार जिले के उज्जैनी औद्योगिक क्षेत्र में दामाद और पुत्र के नाम से संचालित ‘एस.एस. इलेक्ट्रिकल्स’ फर्म भी मिली, जहां तीन औद्योगिक भूखंडों पर लगभग एक करोड़ पचास लाख रुपये का निवेश सामने आया है।

इसी क्षेत्र में कृष्णा पावर के नाम से एक अन्य भूखंड पर फैक्ट्री निर्माण भी जारी मिला, जिस पर अब तक लगभग दस लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।

जांच के दौरान रिश्तेदार के नाम से संचालित ‘ए-वन इलेक्ट्रिकल’ फैक्ट्री भी मिली है, जिसमें करोड़ों रुपये के निवेश की जांच की जा रही है।

इंदौर में सप्तश्रृंगी नगर सिलिकॉन सिटी स्थित कार्यालय भवन पत्नी और पुत्र के नाम पर मिला, जिसकी गाइडलाइन कीमत साठ लाख रुपये आंकी गई है।

इसके अलावा एयरपोर्ट रोड स्थित अंजनी नगर और देवास नाका क्षेत्र में भी फर्मों के कार्यालयों की तलाशी ली गई।

ओमेक्स सिटी में पुत्रों के नाम से लगभग बीस लाख रुपये का प्लॉट और शुभम इलेक्ट्रिकल के नाम पर लगभग पंद्रह लाख रुपये की महिंद्रा इलेक्ट्रिक कार भी मिली।

मुरैना के रविदास नगर में लगभग पचास लाख रुपये कीमत का दो मंजिला मकान भी जांच में सामने आया, जहां ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने तलाशी ली।

छापे में अफसरों ने चार किलो चांदी, 300 ग्राम सोना और तीन लाख रुपये नकद बरामद किए।

सेमिल ने अधिकांश पैसा अपने बेटों व रिश्तेदारों के नाम पर निवेश किया था।