बुलंद सोच, इंदौर।

इंदौर के पीपल्याहाना तालाब का पानी हरा पड़ने लगा है और उसमें काई जम रही है। पानी का रंग बदलने से इसमें गंदगी मिलने की आशंका जताई जा रही है।
यह तालाब आसपास के क्षेत्र में ग्राउंड वाटर रिचार्जिंग में अहम भूमिका निभाता है। इसका पानी गंदा होने पर इससे जमीन में पहुंचने वाले पानी के भी दूषित होने का खतरा है।
इंदौर नगर निगम के अनुसार, तालाब में स्टॉर्म वाटर लाइन के जरिए पानी छोड़ा जा रहा है। अब तालाब का पानी हरा होने पर इसमें गंदगी छोड़े जाने की आशंका जताई जा रही है।
भूजल में बैक्टीरिया का खतरा
किसी जगह पर जमा पानी धीरे-धीरे जमीन में पहुंचता है। ऐसे में इस दूषित पानी के साथ ई-कोलाई सहित अन्य बैक्टीरिया जमीन के अंदर पहुंचने से वहां के पानी के दूषित होने का खतरा बना हुआ है।
कुछ समय पहले इंदौर के अलग-अलग इलाकों में बोरिंग के पानी की जांच में ई-कोलाई बैक्टीरिया सहित अन्य बैक्टीरिया मिले थे। लगातार इस तरह के पानी को पीने से जान का खतरा होता है।
उस समय भी यह सवाल उठा था कि जहां से ग्राउंड वाटर रिचार्ज हो रहा है, क्या वो स्थान ही दूषित हैं।
सीमा-चिह्न और दीवार निर्माण
पीपल्याहाना तालाब और जिला कोर्ट भवन के बीच सीमा-चिह्न बनाया जाएगा, जिसके बाद नए सिरे से दीवार का निर्माण किया जाएगा।

