बुलंद सोच, इंदौर।
पूरे इंदौर शहर में सड़कें खुदी हुई हैं तथा उनमें गहरे गड्ढे मौजूद हैं, जिससे यह समझना मुश्किल हो गया है कि सड़क गड्ढों के बीच है या गड्ढों के बीच सड़क बनाई गई है। निगम के विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी है, जिसके कारण पैचवर्क होने के कुछ दिनों बाद ही दूसरा विभाग सड़क खोद देता है। यह स्थिति कभी ड्रेनेज के नाम पर तो कभी पानी की लाइन बिछाने के नाम पर सड़क की खोदाई के कारण उत्पन्न होती है।
नईदुनिया के साप्ताहिक आयोजन ‘हेलो नईदुनिया’ में मंगलवार को आम पाठकों ने बदहाल सड़कों की इस स्थिति पर सवाल उठाए।
नगर निगम अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर ने पाठकों के सवालों का जवाब देते हुए आश्वस्त किया कि मास्टर प्लान की 23 सड़कों का काम पूरा होने के बाद शहर की तस्वीर बदल जाएगी। उन्होंने बताया कि इस काम को पूरा होने में कम से कम दो साल का समय और लगेगा।
मास्टर प्लान की सड़कों के साथ-साथ अन्य सड़कों का काम भी शहर में चल रहा है। अमृत 2.0 योजना के तहत नर्मदा के चौथे चरण का काम भी होना है।
मास्टर प्लान की सड़कों के निर्माण के साथ-साथ ड्रेनेज और पानी की लाइनें भी बिछाई जा रही हैं। पुराने शहर में काम करने में दिक्कतें आती हैं, क्योंकि वहां निगम को पुरानी लाइनों को पूरी तरह से बदलना पड़ रहा है।
जनता के सवाल और आयुक्त के जवाब
अशोक जैन ने सवाल किया कि स्कीम 87 स्लाइस छह में सड़कें पूरी तरह से खराब हो गई हैं और शिकायत करने पर बिना सुनवाई के ही शिकायत बंद कर दी जाती है। जवाब में अपर आयुक्त ने कहा कि यदि ऐसा है तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र वार्ड 7 के अंतर्गत आता है और सड़कों का पेचवर्क शुरू हो गया है।
गिरधर खंडेलवाल ने बताया कि माणिक बाग ब्रिज की तीसरी भुजा सकरी और क्षतिग्रस्त है, तथा जगह-जगह डामर उखड़ रहा है। इस पर अपर आयुक्त ने कहा कि नगर निगम की टीम मौके पर जाकर निरीक्षण करेगी। उन्होंने बताया कि ब्रिज को लेकर अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अशोक अग्रवाल ने सवाल किया कि बिचौली मर्दाना से बिचौली हप्सी और बिचौली हप्सी से बंगाली चौराहा तक पूरे बायपास पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। अपर आयुक्त ने जवाब दिया कि ये दोनों हिस्से एनएचएआइ ने नगर निगम को सौंप दिए हैं। निगम दोनों जगह सर्विस लाइन बना रहा है और इसके लिए टेंडर भी स्वीकृत हो चुके हैं।
अशोक पाटोदी ने पूछा कि सिरपुर तालाब के पास बन रहे एसटीपी तक पहुंचने वाली सड़क की स्थिति बदहाल है और वहां तक पैदल जाना मुश्किल है। अपर आयुक्त ने बताया कि संभवतः एसटीपी के काम के साथ ही इस सड़क का टेंडर हुआ है। उन्होंने कहा कि वे दिखवा लेंगे और अगर टेंडर नहीं हुए हैं तो निगम इस सड़क का भी निर्माण कराएगा।
निर्लेश तिवारी ने शिकायत की कि नगर निगम के कचरा वाहनों में हूटर लगे हैं, जिससे लोग परेशान होते हैं। जवाब में अपर आयुक्त ने कहा कि कचरा वाहन में हूटर लगाने की अनुमति नहीं है। उन्होंने बताया कि इस पर कार्रवाई की जाएगी और शिकायत संबंधित विभाग को भी भेजी जाएगी।
विष्णु शर्मा ने बताया कि अनूप टाकीज के पीछे कांक्रीट सड़क पर तीन बार डामरीकरण हो चुका है, जिससे निगम का नुकसान होता है और जनता परेशान होती है। अपर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यह एमआर 9 का हिस्सा है और इस प्रोजेक्ट को नगर निगम ने ले रखा है। उन्होंने स्वीकार किया कि काम पूरा होने में समय लगेगा और यह सही है कि कांक्रीट की सड़क पर डामर टिकता नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि कांक्रीट के पेचवर्क का काम शुरू कर दिया गया है।
राधाकिशन ने सवाल किया कि एमआर 9 से एमआर 10 को जोड़ने वाली लिंक रोड का काम अधूरा है। जवाब में अपर आयुक्त ने बताया कि यहां सीवर लाइन डालनी थी, इस वजह से काम में देरी हो रही थी। उन्होंने कहा कि अब स्वीकृति मिल गई है और सड़क जल्द ही बन जाएगी।
अपर आयुक्त के अन्य महत्वपूर्ण बिंदु
अपर आयुक्त ने यह भी कहा कि पुराने क्षेत्र में सड़क निर्माण में दिक्कतें आती हैं, क्योंकि वहां पुरानी लाइनें होती हैं। खोदाई के दौरान पानी और सीवर की लाइनें फूट जाती हैं, जिसके कारण कई बार नई लाइनें बिछाना पड़ती हैं।
उन्होंने बताया कि वर्षाकाल के बाद सुभाष मार्ग सड़क और कंडीलपुरा सड़क का काम शुरू हो जाएगा।
नगर निगम ने जेट मिक्स मशीनों से पेचवर्क शुरू कर दिया है, जिसका असर दो सप्ताह में दिखने लगेगा।
इसके अतिरिक्त, जीपीओ से सरवटे के बीच बहुत जल्दी काम शुरू किया जाएगा। इसके बाद सरवटे से हरसिद्धि तक की सड़क का काम शुरू होगा।
