बुलंद सोच, इंदौर।

मध्य प्रदेश सरकार ने एनालॉग पनीर की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह जानकारी लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने मंगलवार को इंदौर में दी। उन्होंने बताया कि लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह प्रतिबंध लगाया जा रहा है। प्रदेश में चल रहे खाद्य पदार्थों की जांच अभियान में दूध उत्पादों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
अन्य राज्यों में प्रतिबंध और मध्य प्रदेश में आपूर्ति
राज्य मंत्री पटेल ने बताया कि महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ में एनालॉग पनीर की बिक्री पहले ही प्रतिबंधित की जा चुकी है। इन राज्यों में प्रतिबंध के बाद मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर की आपूर्ति बढ़ने की बात सामने आ रही है। सरकार इस विषय पर जल्द ही निर्णय लेगी।
एनालॉग पनीर की प्रकृति और नियम
एनालॉग पनीर पारंपरिक पनीर की तरह पूरी तरह दूध से तैयार नहीं होता है। इसे वनस्पति तेल, स्किम्ड मिल्क पाउडर और स्टार्च जैसी सामग्री से तैयार किया जाता है। खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत ऐसे उत्पाद की बिक्री करते समय उपभोक्ता को इसकी प्रकृति की जानकारी देना आवश्यक है। राज्यमंत्री पटेल का कहना है कि व्यवहार में कई बार उपभोक्ता को यह जानकारी नहीं दी जाती, जिससे वह इसे सामान्य पनीर समझकर खरीद लेता है।
इंदौर में नई फूड टेस्टिंग लैब
राज्य मंत्री पटेल ने इंदौर की फूड टेस्टिंग लैब के संबंध में बताया कि लैब तैयार हो चुकी है। कुछ आवश्यक मंजूरियां बाकी हैं। इन मंजूरियों के पूरा होते ही लैब में अधिकृत रूप से खाद्य नमूनों की जांच शुरू की जा सकेगी। इससे मिलावटी और संदिग्ध खाद्य पदार्थों की जांच को गति मिलेगी।

