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2026-08-10

मध्य प्रदेश में 20% बारिश की कमी, दतिया, रीवा और सीधी में भारी बारिश का अलर्ट

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बावजूद बारिश का वितरण असमान बना हुआ है। रविवार को दतिया, रीवा और सीधी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है। दूसरी ओर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर से मानसून की द्रोणिका गुजर रही है। इसके साथ ही, बंगाल और आसपास के क्षेत्र में बना चक्रवाती परिसंचरण निम्न दबाव क्षेत्र में बदल गया है। इन प्रभावों से आने वाले दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। रविवार को भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में हल्की बारिश हो सकती है। इनमें से दतिया, रीवा और सीधी में भारी बारिश की चेतावनी है।

पिछले दिनों की वर्षा

शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। नरसिंहपुर में करीब 3 इंच, श्योपुर में 2.8 इंच और रीवा में 2.2 इंच बारिश दर्ज की गई। शिवपुरी, सीधी, नर्मदापुरम, बालाघाट, छतरपुर, सागर, गुना, रायसेन, मंडला, ग्वालियर, दतिया, टीकमगढ़, उमरिया, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सतना और शाजापुर सहित कई जिलों में भी बारिश हुई।

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मानसून की स्थिति और बारिश की कमी

प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक 17.2 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। सामान्य तौर पर इस अवधि में 21.5 इंच पानी गिरना चाहिए था। यानी प्रदेश में अभी करीब 20 प्रतिशत बारिश कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी 23 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 18 प्रतिशत है। बारिश की यह कमी खेती के लिए चिंता का कारण बनी हुई है।

जिलों में असमान वर्षा वितरण

प्रदेश के ज्यादातर जिले अभी भी सामान्य बारिश के आंकड़े से पीछे हैं। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई जिलों में 5 से 49 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई है। अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया भी कम बारिश वाले जिलों में शामिल हैं। पश्चिमी हिस्से में भी स्थिति ज्यादा अलग नहीं है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, रतलाम, मंदसौर, नीमच, शाजापुर, देवास, धार, झाबुआ, बैतूल, हरदा, खंडवा और खरगोन सहित कई जिलों में औसत से कम बारिश हुई है। प्रदेश में केवल ग्वालियर, भिंड, बुरहानपुर, देवास और खरगोन ऐसे जिले हैं, जहां अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। बाकी अधिकांश जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है।

मासिक वर्षा का घाटा

मानसून की शुरुआत से ही प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे रहा है। जून में 14 प्रतिशत कम बारिश हुई। जुलाई में कुछ दिनों तक तेज बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन मानसून के दो बार कमजोर पड़ने के कारण फिर बारिश का आंकड़ा नीचे चला गया। जुलाई के अंत में सक्रिय हुए मौसम तंत्र से बारिश हुई, इसके बावजूद कमी पूरी नहीं हो सकी। प्रदेश की सामान्य वार्षिक बारिश करीब 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच है।