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2026-07-31

मूंग खरीदी की सीमा बढ़ी, ई-टोकन व्यवस्था स्थगित होने पर किसानों का धरना समाप्त

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

भोपाल में समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी और खाद वितरण में ई-टोकन व्यवस्था बदलने की मांग को लेकर दो दिनों से जारी हजारों किसानों का धरना आंदोलन बुधवार देर रात समाप्त हो गया। मंत्रालय में मंत्री समूह के साथ हुई बैठक में हर पात्र किसान से 60 प्रतिशत उपज खरीदने और ई-टोकन व्यवस्था को स्थगित करने पर सहमति बनी। इसके अतिरिक्त, अन्य विषयों पर भी गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया गया। बैठक के बाद कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों को साझा किया। किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने इन निर्णयों की जानकारी प्रदर्शनकारी किसानों को दी, जिसमें मूंग खरीदी की सीमा 25 से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करना, स्लॉट बुकिंग और खरीदी की अंतिम तिथि में वृद्धि, तथा ई-टोकन व्यवस्था से खाद वितरण को स्थगित कर समीक्षा करने के निर्णय शामिल हैं। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने किसानों के धरना समाप्त करने की पुष्टि की। वहीं, राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा ‘कक्का जी’ ने इसे किसानों की जीत बताया।

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बुधवार का घटनाक्रम

बुधवार को किसानों और पुलिस बल के बीच दिन भर गहमागहमी चलती रही। दिन में किसानों ने अपने कुर्ते और शर्ट उतारकर प्रदर्शन किया। कुछ किसानों ने सरकार की सद्बुद्धि के लिए सड़क पर ही हवन और हनुमान चालीसा का पाठ किया। शाम होते-होते किसान फिर शहर में प्रवेश करने का प्रयास करने लगे। किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने रोशनपुरा और आसपास के मार्गों पर सुरक्षा घेरा बनाया। इस बीच, शाम पांच बजे किसान पुलिस बैरिकेड तोड़ते हुए शहर में प्रवेश कर गए। स्थिति की नजाकत को देखते हुए संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा आंदोलनकारी किसानों के बीच पहुँचे। उन्होंने मुख्यमंत्री का संदेश दिया और प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए मंत्रालय लाए। मंत्रालय में चार मंत्रियों के साथ 16 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच चर्चा शुरू हुई।

सरकार द्वारा लिए गए प्रमुख निर्णय

चर्चा में सरकार ने किसान प्रतिनिधियों को भरोसा दिया कि अब पात्र किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 25 प्रतिशत के स्थान पर 60 प्रतिशत मूंग खरीदी जाएगी। अभी तक जिन किसानों ने 25 प्रतिशत मूंग बेच दिया है, उनके भी कुल उत्पादन का 60 प्रतिशत मूंग खरीदा जाएगा। सरकार ने उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 30 जुलाई से दस दिन बढ़ाकर 10 अगस्त करने का निर्णय लिया। साथ ही, खरीदी की अंतिम तिथि 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त तक कर दी गई। खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था को फिलहाल स्थगित करने की घोषणा की गई। इस पूरी व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय समिति भी गठित की गई है। बैठक में सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग और ओबीसी कल्याण मंत्री कृष्णा गौर सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

कृषि मंत्री का स्पष्टीकरण और समिति गठन

कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद बताया कि भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत कुल उत्पादन का अधिकतम 25 प्रतिशत ही समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने का प्रावधान है। इसी आधार पर पहले प्रत्येक पात्र किसान से उसकी उपज का 25 प्रतिशत खरीदने का निर्णय लिया गया था। अब सरकार ने इसे बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया है। नर्मदापुरम, हरदा और सीहोर जैसे प्रमुख मूंग उत्पादक जिलों में यह औसतन लगभग तीन क्विंटल प्रति एकड़ के बराबर होगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। यह समिति ई-टोकन प्रणाली की समीक्षा कर अपनी अनुशंसाएं देगी, जिनके आधार पर सुधार किए जाएंगे। तब तक खाद वितरण की पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का पत्र

इधर, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन का कोटा बढ़ाने की मांग का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों को मूंग खरीदी के लिए जो स्वीकृति दी गई है, उसमें सर्वाधिक 87 प्रतिशत मध्य प्रदेश को दी गई है। शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखे पत्र में कहा कि राज्य के कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना का मूंग उपार्जन का कोटा बढ़ाने संबंधी पत्र प्राप्त हुआ है। मध्य प्रदेश को अनुमानित उत्पादन की अधिकतम सीमा 4,54,580 टन मूंग की खरीद की स्वीकृति मूल्य समर्थन योजना में दी गई है। यह योजना में विभिन्न राज्यों को खरीद के लिए स्वीकृत कुल 5,23,243 टन की मात्रा का 87 प्रतिशत होता है, जो कि देश में सर्वाधिक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत सरकार खरीद का लक्ष्य नहीं देती है। 25 प्रतिशत से अधिक उपार्जन की अनुमति केवल तभी दी जा सकती है, जब किसी दिए गए राज्य में केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा वस्तु के राज्य उत्पादन के 25 प्रतिशत की खरीद समाप्त हो जाए। इसका निर्णय सचिवों की समिति द्वारा लिया जाता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अभी तक 60 हजार टन मूंग का उपार्जन हुआ है। इसलिए किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार शीघ्रता से खरीदी सुनिश्चित करे।