बुलंद सोच, इंदौर।
इंदौर के प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार के वायरल वीडियो के बाद हाई कोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान पर सोमवार को मध्य प्रदेश की इंदौर डबल बेंच में न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी के समक्ष सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कोर्ट को सूचित किया कि प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम के सभी बुजुर्गों को विभिन्न सरकारी आश्रय गृहों में स्थानांतरित कर दिया गया है। हालांकि, कोर्ट ने इन आश्रय गृहों की कुल क्षमता और वहां कितने लोगों को रखा जा सकता है, इस बारे में जानकारी मांगी। इस पर सरकारी पक्ष तत्काल जानकारी उपलब्ध नहीं करा सका।
इस पर हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक इंदौर संभाग के सभी आश्रय गृहों और वृद्धाश्रमों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की जाए। इसमें यह बताया जाए कि इंदौर संभाग में कुल कितने वृद्धाश्रम संचालित हैं, प्रत्येक की क्षमता कितनी है और वर्तमान में वहां कितने बुजुर्ग रह रहे हैं।
कोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) के सचिव को यह भी निर्देश दिए हैं कि वे उन सभी आश्रय गृहों का निरीक्षण करें, जहां प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम के बुजुर्गों को भेजा गया है। उन्हें वहां की व्यवस्थाओं और बुजुर्गों की वर्तमान स्थिति पर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
इस मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त 2026 को निर्धारित की गई है।
इंदौर के महाराणा प्रताप नगर स्थित प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के साथ मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद सोमवार को पूरे आश्रम को जमींदोज कर दिया गया।

