बुलंद सोच, उज्जैन।
श्रावण मास के पहले सोमवार को धर्मनगरी उज्जैन एक बार फिर उस दिव्य क्षण की साक्षी बनेगी, जब अवंतिकानाथ भगवान महाकाल मनमहेश स्वरूप धारण कर अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकलेंगे। सोमवार शाम चार बजे महाकाल मंदिर से परंपरागत राजवैभव के साथ सवारी रवाना होगी। सवारी मार्ग पर लाखों श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन के लिए उमड़ेंगे और पूरा शहर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गुंजायमान हो उठेगा।
पूजन और गार्ड ऑफ ऑनर
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की पुरातन परंपरा के अनुसार, सवारी से पहले दोपहर 3.30 बजे महाकाल मंदिर के सभामंडप में कलेक्टर रौशन कुमार सिंह भगवान महाकाल के मनमहेश स्वरूप का पूजन कर पालकी को नगर भ्रमण के लिए विदा करेंगे। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र बल राजाधिराज को गार्ड ऑफ ऑनर देंगे।
सवारी मार्ग और क्षिप्रा अभिषेक
इसके बाद सवारी महाकाल मंदिर से कोट मोहल्ला, गुजरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाड़ी होते हुए शाम लगभग 4.40 बजे रामघाट पहुंचेगी। यहां मोक्षदायिनी क्षिप्रा के पावन जल से भगवान महाकाल का अभिषेक और पूजन होगा। रामघाट से लौटते समय सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर और पटनी बाजार होते हुए शाम करीब सात बजे पुनः महाकाल मंदिर पहुंचेगी।
व्यापक सुरक्षा और व्यवस्था
पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और यातायात के लिए प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। पुलिस और प्रशासन ने इस बार भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। व्यवस्था संभालने के लिए 12000 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। सवारी मार्ग पर करीब 1200 पुलिस अधिकारी और जवान तैनात रहेंगे, जबकि 500 से अधिक वालंटियर्स भी श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन में सहयोग करेंगे।
निगरानी व्यवस्था
भीड़ की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए पांच ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे और ऊंची इमारतों पर तैनात पुलिसकर्मियों की दूरबीन की मदद ली जाएगी।
सवारी एक नजर में
पारंपरिक सवारी मार्ग 5 किलोमीटर लंबा रहेगा। शिवभक्ति और आस्था का यह अनुपम उत्सव करीब 4 घंटे चलेगा। 9 पारंपरिक दल लोक संस्कृति और शिवभक्ति का रंग बिखेरेंगे। 400 से अधिक पुलिसकर्मी व अधिकारी सुरक्षा और व्यवस्था संभालेंगे। 100 से अधिक सीसीटीवी, ड्रोन निगरानी और मजबूत बैरिकेडिंग से चाक-चौबंद सुरक्षा रहेगी।

