बुलंद सोच, इंदौर।
इंदौर में पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में अधीक्षण यंत्री के पद पर पदस्थ शिवराम सेमिल के पास से लोकायुक्त के छापे में 300 ग्राम सोना और 4 किलो चांदी मिली है। उनकी संपत्ति का आंकड़ा बढ़कर 17 करोड़ रुपये हो चुका है। यह राशि उनके अब तक के सेवाकाल में मिले वेतन से 600 गुना ज्यादा है।
बच्चों की कंपनियों को लाभ
सेमिल के बेटों की शुभम इलेक्ट्रिकल और कर्निश पावर जोन नाम की कंपनियां हैं, जो बिजली उपकरणों से संबंधित हैं। सूत्रों के अनुसार, वह बिजली कंपनी के ठेकेदारों पर दबाव बनाता था कि वे उसकी कंपनियों से ही सामान खरीदें। इस प्रक्रिया से उनकी कंपनियों को बड़ा मुनाफा होता था। शुभम इलेक्ट्रिकल कंपनी के छह खातों में 62 लाख रुपये पाए गए हैं। सेमिल ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर भी निवेश किया है, जिनका पता लगाया जा रहा है। मुरैना में एक मकान के अतिरिक्त प्लॉट और खेत की जमीन भी उनके नाम पर मिली है।
आगे की जांच
लोकायुक्त अधिकारियों ने सेमिल पर दर्ज मामले की जानकारी बिजली कंपनी को भेज दी है, ताकि उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सके। छापे में मिले दस्तावेजों की जांच गुरुवार को भी जारी रहेगी। संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है।

