बुलंद सोच, इंदौर।
लवकुश चौराहा स्थित डबल डेकर फ्लाईओवर की एक भुजा से यातायात शुरू हो चुका है। ऐसे में फ्लाईओवर की भुजा से मेट्रो ट्रैक की सुरक्षा को पुख्ता किया जा रहा है। फ्लाईओवर से किसी तरह की सामग्री ट्रैक पर नहीं फेंकी जा सके, इसके लिए ब्रा स्ट्रिंग में प्रोटेक्शन स्क्रीन लगाने का कार्य किया जा रहा है। तय नियमों के अनुसार फ्लाईओवर पर 16 मीटर लंबी और छह मीटर ऊंची प्रोटेक्शन स्क्रीन लगाई गई है।
इसके बावजूद यदि किसी तरह की सामग्री ट्रैक पर फेंकने की संभावना नजर आएगी, तो स्क्रीन की ऊंचाई बढ़ाई जा सकती है। यह स्क्रीन दूसरी भुजा पर यातायात शुरू होने पर लगाई जाएगी; अभी यह एक भुजा पर स्थापित की गई है।
इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) द्वारा बनाए जा रहे डबल डेकर फ्लाईओवर की उज्जैन रोड से मरीमाता जाने वाली भुजा से यातायात विगत दिनों शुरू कर दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इस भुजा का शुभारंभ किया गया था।
आईडीए सीईओ डॉ. परीक्षित झाड़े का कहना है कि एक भुजा से यातायात इसलिए शुरू कर दिया गया है, ताकि नीचे सर्विस रोड का निर्माण आसानी से किया जा सके। गौरतलब है कि चौराहे पर सीमेंट की सर्विस रोड तैयार की जा रही है। चौराहे पर यातायात का खासा दबाव होने से निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा था। डायवर्शन होने के बाद भी निर्माण कार्य तेजी से नहीं हो पा रहे थे, इसलिए एक भुजा को यातायात सुगमता के लिए खोल दिया गया है। हालांकि, इस भुजा पर लाइटिंग और अन्य कार्य किए जाने हैं।
अब दूसरी भुजा को तैयार करने का कार्य तेज गति से जारी है। स्लैब सहित सभी कार्य सितंबर तक पूरे कर लिए जाएंगे। दूसरी भुजा पर सितंबर तक स्लैब और अन्य कार्य पूरे करने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, डामर बिछाने का कार्य प्रभावित हो सकता है। वर्षा जारी रहने पर डामर का कार्य नहीं हो सकेगा। ऐसे में वर्षा ही तय करेगी कि इस भुजा से यातायात कब शुरू होगा। आईडीए अधिकारियों का कहना है कि यदि मौसम दो-तीन दिन साफ रहा, तो भी डामर का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
मरीमाता से उज्जैन जाने वाली भुजा का निर्माण भले ही अभी पूरा नहीं हुआ है। लेकिन इसकी भुजा खत्म होते ही अरविंदो के गेट के सामने वाले कट पर वाहन उलझ सकते हैं। मुख्य चौराहे पर फ्लाईओवर की ऊंचाई 23 मीटर है और इस ऊंचाई से जब वाहन नीचे उतरेंगे तो उनकी गति तेज होगी। ऐसे में भुजा के खत्म होते ही वाहन आपस में उलझ सकते हैं। इसका मुद्दा विगत सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उठ चुका है। हालांकि, अब तक किसी तरह का अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।

