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2026-08-04

इंदौर के नए जिला अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं का अभाव

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, इंदौर।

इंदौर के नए जिला अस्पताल के मुख्य द्वार पर एक बुजुर्ग महिला को स्ट्रेचर पर लाया गया। परिजनों को अस्पताल के किसी कर्मचारी द्वारा स्ट्रेचर संभालने की उम्मीद थी, परंतु ऐसा नहीं हुआ। मजबूरन दो परिजनों ने ही स्ट्रेचर पकड़कर उसे लगभग 50 मीटर तक धकेलते हुए ओपीडी तक पहुँचाया। रास्ते में स्ट्रेचर कई बार रोकना पड़ा क्योंकि वह ठीक से नहीं चल पा रहा था। आसपास लोग मौजूद थे, लेकिन मदद के लिए कोई वार्ड बॉय दिखाई नहीं दिया।

अस्पताल की स्थिति और अपूर्ण सेवाएं

83 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 300 बिस्तरीय यह नया जिला अस्पताल मरीजों को आधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावों पर प्रश्नचिह्न लगाता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 17 जुलाई को अस्पताल का शुभारंभ किया था, लेकिन उद्घाटन के बाद भी अस्पताल पूरी क्षमता से शुरू नहीं हो पाया है। वर्तमान में यहाँ केवल लगभग 50 बेड ही संचालित किए जा रहे हैं और फिलहाल सिर्फ प्रसूति (मेटरनिटी) सेवाएं शुरू हुई हैं। हृदय रोग, मेडिसिन, सर्जरी, हड्डी रोग और अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों को अभी भी इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। भवन आधुनिक अवश्य दिखाई देता है, लेकिन अंदर बुनियादी सुविधाओं की कमी स्पष्ट है। मरीज और उनके परिजन इलाज से अधिक व्यवस्थाओं के अभाव से परेशान हैं।

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बुनियादी सुविधाओं का अभाव

अस्पताल परिसर में पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है। कई स्थानों पर वाटर कूलर लगाने की जगह चिन्हित की गई है, लेकिन अब तक मशीनें स्थापित नहीं की गई हैं। इस कारण मरीजों और उनके परिजनों को बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है या बाहर से पानी लाना पड़ रहा है। इस समस्या से बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं ही नहीं, अस्पताल का स्टाफ भी प्रभावित है। अस्पताल की लिफ्ट भी फिलहाल बंद पड़ी है, जिसके चलते मरीजों और उनके परिजनों को सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है। अस्पताल के विभिन्न वार्डों में बेड तो पहुँच चुके हैं, लेकिन कई जगहों पर वे अभी भी खुले में पड़े हैं, जिससे आवाजाही में बाधा उत्पन्न हो रही है।

तैयार वार्ड, उपकरणों की कमी

मेटरनिटी ऑपरेशन थिएटर, एनआईसीयू सहित कई वार्डों में बेड लगाए जा चुके हैं और कमरे भी पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि, इन वार्डों में मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। इसका कारण यह है कि आवश्यक चिकित्सा उपकरण अभी तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। यह दर्शाता है कि अस्पताल का भवन तैयार होने के बावजूद सुविधाएं अभी अधूरी हैं।