बुलंद सोच, भोपाल।
मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सदन की कार्यवाही अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगी। विधानसभा में आज समान नागरिक संहिता (यूसीसी) सहित कुल आठ विधेयकों पर चर्चा की जाएगी। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने इसमें संशोधन के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। सरकार यूसीसी को प्रदेश की एक बड़ी उपलब्धि बता रही है और दावा कर रही है कि इससे सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त होंगे। विशेष रूप से, महिलाओं को संपत्ति सहित कई कानूनी अधिकारों में समान संरक्षण मिलेगा। यूसीसी के अतिरिक्त, सात अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों पर भी चर्चा की जाएगी और उन्हें पारित कराने की प्रक्रिया संपन्न होगी। वित्त विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट भी सदन में प्रस्तुत किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा यह पहला अनुपूरक अनुमान (अनुपूरक बजट) सदन में प्रस्तुत करेंगे। इसमें चालू वित्तीय वर्ष के दौरान विभिन्न विभागों के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान किए जाने का प्रस्ताव शामिल है।
प्रस्तुत किए जाने वाले विधेयक
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) सहित जिन आठ विधेयकों पर चर्चा के बाद सरकार पारित करने का प्रस्ताव रखेगी, वे इस प्रकार हैं: समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक-2026, मध्य प्रदेश राजमार्ग (संशोधन) विधेयक-2026, मध्य प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक-2026, मध्य प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026, मध्य प्रदेश उपकर (संशोधन) विधेयक-2026, मध्य प्रदेश कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता (श्रम शक्ति संहिता) विधेयक-2026, मध्य प्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय विधेयक-2026 और मध्य प्रदेश वैट (संशोधन) विधेयक-2026।
अन्य सदन कार्य
सदन की कार्यवाही में मंत्री अपने-अपने विभागों के वार्षिक प्रतिवेदन और अधिसूचनाएं सदन के पटल पर रखेंगे। इनमें महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय, ऊर्जा, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, एमएसएमई, उच्च शिक्षा और पर्यटन विभाग के प्रतिवेदन सम्मिलित हैं। ध्यानाकर्षण के तहत दो महत्वपूर्ण मामले उठाए जाएंगे। पहला मामला जबलपुर जिले के मझौली क्षेत्र में सरकारी उपार्जन योजना के तहत किसानों को धान और गेहूं की राशि का भुगतान नहीं होने से संबंधित है। दूसरा मामला छिंदवाड़ा जिले के परासिया स्थित ग्रीन लाइट एसीसी प्लांट में हुए विस्फोट में घायल मजदूरों को मुआवजा नहीं मिलने से जुड़ा है। विधानसभा की विभिन्न समितियों के सभापति अपने प्रतिवेदन सदन में प्रस्तुत करेंगे। इनमें याचिका एवं अभ्यावेदन समिति, प्रत्यायुक्त विधान समिति, सरकारी उपक्रम समिति, शासकीय आश्वासन समिति, महिला एवं बाल कल्याण समिति, स्थानीय निकाय एवं पंचायतीराज लेखा समिति, कृषि विकास समिति तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति की रिपोर्ट शामिल हैं। मंगलवार को विधायक अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी कुल 65 याचिकाएं भी सदन में प्रस्तुत करेंगे। इन याचिकाओं में सड़क निर्माण, पुल-पुलिया, बिजली, पेयजल, स्कूलों के उन्नयन, अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने, सिंचाई परियोजनाओं, आंगनवाड़ी भवन, खेल मैदान, सामुदायिक भवन और पर्यटन विकास जैसी स्थानीय मांगें शामिल हैं। इन याचिकाओं के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों की जनसमस्याओं को सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
