बुलंद सोच, इंदौर।

मध्य प्रदेश में जाति, मूलनिवासी और आय प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया को सरल किया गया है। आवेदक इन प्रमाण पत्रों के लिए एमपी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर ऑनलाइन या लोक सेवा केंद्र पर ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित अधिकारी कागजों की जांच करते हैं और निर्धारित समय सीमा के भीतर डिजिटल प्रमाण पत्र जारी कर देते हैं। ये दस्तावेज पढ़ाई, सरकारी नौकरी तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।
लोक सेवा प्रबंधन इंदौर के जिला प्रबंधक अमोघ श्रीवास्तव ने ‘हेलो नईदुनिया’ कार्यक्रम में पाठकों के सवालों के जवाब देते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जाति प्रमाण पत्र अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए जारी किए जाते हैं।
जाति प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक दस्तावेज और समय सीमा
जाति प्रमाण पत्र के आवेदन के समय समग्र आईडी, आधार कार्ड और परिवार के सदस्यों का पूर्व में जारी जाति प्रमाण पत्र या प्रदेश में पहले से रहने का रिकॉर्ड देना अनिवार्य है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के आवेदकों को 1950 का रिकॉर्ड प्रस्तुत करना अनिवार्य है, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदकों के लिए 1984 का रिकॉर्ड देना आवश्यक है। जाति प्रमाण पत्र 30 कार्य दिवस के भीतर जारी हो जाता है।
यदि बच्चों का जाति प्रमाण पत्र 2003 में बना है और अब पोते का बनवाना है, तो आधार, समग्र आईडी के अलावा पूर्व में बने जाति प्रमाण पत्र की प्रति लगाकर आवेदन किया जा सकता है। यदि परिवार में किसी का जाति प्रमाण पत्र पहले नहीं बना है, तो अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 1984 का कोई ऐसा रिकॉर्ड देना होगा जिससे जाति की पुष्टि हो सके। पुराने जाति प्रमाण पत्र को डिजिटल करवाने के लिए पुराने प्रमाण पत्र के साथ आवेदन करना होता है, जिसके बाद नया प्रमाण पत्र चार दिन में बनकर मिल जाता है। बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोक सेवा केंद्र से फॉर्म लेकर जमा करना होगा और पूर्व में जारी प्रमाण पत्र या रिकॉर्ड देना होगा।
मूलनिवासी प्रमाण पत्र के नियम
मध्य प्रदेश का मूल निवासी प्रमाण पत्र यह प्रमाणित करता है कि आवेदक राज्य का स्थायी निवासी है। इसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन किए जा सकते हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, समग्र आईडी और एक स्व-घोषणा पत्र देना होता है। इस दस्तावेज को बनाने की समय सीमा सात दिन निर्धारित है।
यदि मूलनिवासी प्रमाण पत्र ऑनलाइन बनवाया गया है और पुलिस की नौकरी में दस्तावेज पर सील की मांग की जा रही है, तो ऑनलाइन डिजिटल प्रमाण पत्र को पोर्टल पर जांचा जा सकता है, सील की आवश्यकता नहीं है। मूल निवासी प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन या लोक सेवा केंद्र पर दस्तावेज के साथ आवेदन करना होगा। स्कूल खुलने के दौरान बच्चों की सुविधा के लिए स्कूल स्तर पर प्रमाण पत्र बनाने के लिए शिविर भी लगाए जाते हैं।
आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन
आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आधार, समग्र आईडी और आय का स्व-प्रमाणित घोषणा पत्र देना होता है।
इंदौर में प्रमाण पत्र संबंधी विशेष सुविधाएं
इंदौर में प्रमाण पत्र बनवाने के लिए व्हाट्सएप चैट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जिला प्रशासन द्वारा 9407035437 व्हाट्सएप नंबर जारी किया गया है। इस नंबर पर आवेदक अपने आवेदन और प्रमाण पत्र की प्रक्रिया से संबंधित कार्य कर सकते हैं। आवेदकों की समस्याओं का समाधान भी इस सुविधा के माध्यम से किया जाता है। इसके अतिरिक्त, 181 पर कॉल करके भी आय और मूलनिवासी प्रमाण पत्र बनवाए जा सकते हैं।

