BREAKING NEWS
2026-07-26

नीट पेपर लीक पर चर्चा के लिए सरकार का विपक्ष से संपर्क, इस्तीफे की शर्त खारिज

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच,।

सरकार ने नीट पेपर लीक मामले पर चर्चा के लिए विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स से संपर्क किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि विपक्ष इस मुद्दे पर बिना किसी शर्त के चर्चा करे और इस्तीफे जैसी कोई शर्त न रखी जाए।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, सरकार विपक्षी फ्लोर लीडर्स से लगातार बातचीत कर रही है, जिसका उद्देश्य नीट पेपर लीक मुद्दे पर विस्तृत चर्चा करना है। सरकार किसी भी तारीख और किसी भी अवधि में चर्चा करने के लिए तैयार है, बशर्ते चर्चा बिना किसी पूर्व शर्त के हो।
विपक्ष की मुख्य मांग शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की रही है, जिसे सरकार साफ तौर पर खारिज कर रही है। संसदीय कार्यमंत्री और अन्य मंत्रियों ने संसद के दोनों सदनों में चर्चा के लिए तैयार रहने का संदेश दिया है।
उन्होंने कहा है कि चर्चा का प्रारूप फ्लोर लीडर्स के साथ विचार-विमर्श से तय किया जाएगा। सरकार का जोर है कि मुद्दे पर गंभीर चर्चा हो, लेकिन विपक्ष की शर्तें इसे रोक न दें।
इस बीच, विपक्ष भी अपने रुख पर अड़ा दिख रहा है, जिससे दोनों पक्षों के बीच खींचतान जारी है। सूत्रों का कहना है कि फ्लोर लीडर्स की बैठक जल्द हो सकती है, जिसमें इस पूरे मामले का रास्ता निकाला जा सके।
यह कदम संसद के मानसून सत्र में उठाया जा रहा है, जहां नीट पेपर लीक का मुद्दा गरमाया हुआ है। सरकार की कोशिश है कि संसद सुचारु रूप से चले और छात्रों के भविष्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सभी पक्ष अपनी बात रख सकें।

मामले की पृष्ठभूमि और विरोध प्रदर्शन

नीट-यूजी 2026 परीक्षा मई की शुरुआत में हुई थी। कुछ दिनों बाद पेपर लीक होने के आरोप लगे, जिसके बाद एनटीए ने परीक्षा रद्द कर दी और दोबारा परीक्षा कराई गई।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) इस मामले की जांच कर रही है और अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस घटना से पूरे देश में छात्रों में भारी आक्रोश फैल गया, क्योंकि लाखों छात्रों ने वर्षों की मेहनत इस परीक्षा पर लगाई थी।
लीक की खबर सामने आने के बाद दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में छात्रों का आंदोलन शुरू हुआ। इसमें शिक्षक-समाजसेवी सोनम वांगचुक भी शामिल हो गए और उन्होंने भूख हड़ताल भी की।
प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की ओर से लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई छात्र घायल हुए। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने भी अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन किए और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
मानसून सत्र के दौरान संसद में यह मुद्दा गरमा गया और विपक्ष ने सदन की कार्यवाही रोक दी। विपक्ष ने मंत्री के इस्तीफे के बिना चर्चा करने से इनकार कर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने खुद पेपर लीक को गंभीर पाप बताया और दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट से सजा दिलाने की बात कही।

Advertisement