BREAKING NEWS
2026-07-24

पश्चिम बंगाल में जनवरी 2027 से मासिक बिजली बिल, स्मार्ट मीटर अनिवार्य नहीं

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच।

पश्चिम बंगाल सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं, किसानों और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कई बड़े फैसलों की घोषणा की है। मुख्यमंत्री शुभेंदु ने विधानसभा में बिजली विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राज्य बिजली वितरण कंपनी WBSEDCL के उपभोक्ताओं को जनवरी 2027 से हर तीन महीने के बजाय हर महीने बिजली बिल मिलेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट बिजली मीटर अनिवार्य नहीं किए जाएंगे, यानी इसे लेकर कोई बाध्यता नहीं होगी।

कृषि और नवीकरणीय ऊर्जा

सरकार ने बिजली उत्पादन, नवीकरणीय ऊर्जा, किसानों को सब्सिडी और बिजली सेवाओं में सुधार से जुड़े कई नए कदमों की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार 1 अगस्त से प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) योजना लागू करेगी। इस योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि खेती में इस्तेमाल होने वाली बिजली पर राज्य सरकार 2 रुपये प्रति यूनिट की अतिरिक्त सब्सिडी देगी।

Advertisement

ऊर्जा उत्पादन एवं वित्तीय सुधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पश्चिम बंगाल पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (WBPDCL) को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया शुरू करेगी। उनके अनुसार, इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत खर्च भी बढ़ेगा। उन्होंने बक्रेश्वर में लगभग 10,070 करोड़ रुपये की लागत से 800 मेगावाट की सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा। इसके अलावा, बक्रेश्वर जलाशय में 200 मेगावाट की फ्लोटिंग सोलर परियोजना और 320 मेगावाट-घंटे क्षमता वाली बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली विकसित करने की योजना भी घोषित की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि कोलाघाट ताप विद्युत केंद्र में 1,238 करोड़ रुपये की लागत से बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली और सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित करने की योजना है। राज्य सरकार अपनी कोयला खदानों में उत्पादन बढ़ाने और लगभग 30 लाख टन अतिरिक्त कोयले की पारदर्शी तरीके से बिक्री कर राजस्व बढ़ाने की भी तैयारी कर रही है। दामोदर घाटी निगम (DVC) के साथ साझेदारी में पंचेत में 1,000 मेगावाट की पंप्ड स्टोरेज परियोजना विकसित की जाएगी।

बुनियादी ढांचा और सामाजिक पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र की वाइब्रेंट विलेजेज योजना के तहत नौ सीमावर्ती जिलों में बिजली सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग तथा अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग के सीएसआर कार्यक्रम के तहत राज्य के 1,000 उच्च माध्यमिक बालिका विद्यालयों और कॉलेजों में सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें लगाई जाएंगी। राज्य के 54,000 एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) केंद्रों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि अभी भी कई केंद्रों में बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिसे इस योजना के जरिए दूर किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य बिजली सेवाओं को बेहतर बनाना, उपभोक्ताओं को राहत देना और ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश को बढ़ावा देना है।