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2026-08-04

लंबित पांच सूत्री मांगों पर निर्णय न होने से पटवारियों की प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, इंदौर।

इंदौर सहित पूरे प्रदेश के पटवारियों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। यह हड़ताल उनकी लंबित मांगों पर सरकार द्वारा निर्णय न होने के कारण की गई है।
हड़ताल के पहले दिन सभी पटवारियों ने तहसीलों में अपने बस्ते जमा करा दिए और राजस्व संबंधी कार्यों से खुद को अलग कर लिया।
इस हड़ताल का असर राजस्व प्रकरणों के निपटारे पर दिखाई देगा।
जिला पटवारी संघ द्वारा यह अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की गई है। पटवारी संघ का कहना है कि उन्होंने 8 जुलाई को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर अपनी पांच सूत्रीय मांगों का निराकरण करने का आग्रह किया था।
सरकार की ओर से मांगों पर निर्णय न होने के बाद पटवारियों ने 15 से 17 जुलाई तक सांकेतिक सामूहिक अवकाश लिया।
इसके बाद पटवारियों ने 20 से 23 जुलाई तक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया।
पटवारियों ने 24 से 27 जुलाई तक शासकीय व्हाट्सएप समूहों का बहिष्कार किया और 28 जुलाई से 2 अगस्त तक ऑनलाइन कार्यों का भी बहिष्कार किया।
इन विरोध प्रदर्शनों के बावजूद सरकार की ओर से मांगों पर कोई निर्णय नहीं हुआ, जिसके परिणामस्वरूप 3 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी गई।

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प्रमुख मांगें

पटवारियों की प्रमुख मांगों में कैडर रिव्यू लागू कर पदोन्नति और समयमान वेतनमान देना शामिल है।
इसके अतिरिक्त, नायब तहसीलदार की विभागीय परीक्षा आयोजित करने की भी मांग की गई है।
पटवारियों को जज प्रोटेक्शन एक्ट में शामिल करना और वर्षों से लंबित मानदेय तथा अन्य भुगतानों का भुगतान करना भी उनकी मांगों में शामिल है।
पटवारी संघ के पदाधिकारियों के स्थानांतरण निरस्त करना भी एक प्रमुख मांग है।

विश्व स्तनपान सप्ताह अभियान

विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान प्रदेश के साथ ही इंदौर जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से सघन जागरूकता अभियान संचालित किया जाएगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित यह अभियान 7 अगस्त तक चलेगा। इसमें आंगनवाड़ी और ग्राम स्तर पर विशेष अभियान चलाए जाएंगे।
इस दौरान गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के लिए परामर्श सत्र आयोजित होंगे। इसके साथ ही ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस, गृह भेंट, टेक-होम राशन वितरण, रैलियों और सामुदायिक बैठकों के माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक परिवार तक स्तनपान का वैज्ञानिक संदेश पहुंचाया जाएगा।