BREAKING NEWS
2026-08-14

लोकसभा हंगामे के कारण तीन बजे तक स्थगित, एफसीआरए विधेयक पर बहस जारी

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच।

विपक्षी दलों के जोरदार हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही को दिन में दूसरी बार स्थगित कर दिया गया। सदन की कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित की गई है।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि एफसीआरए विधेयक किसी भी अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ नहीं है। उन्होंने यह बात एफसीआरए विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजने को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच हुई बहस के दौरान कही।

Advertisement

केंद्र सरकार की ओर से एफसीआरए विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजने का प्रस्ताव रखे जाने के बाद कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने इसे वापस लेने की मांग की। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि इस विधेयक का इस्तेमाल गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और अल्पसंख्यक संगठनों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।

इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जवाब दिया कि विपक्ष को खुश होना चाहिए कि विधेयक को जेपीसी के पास भेजा जा रहा है। रिजिजू ने कहा कि विपक्ष लंबे समय से खुद इस विधेयक को जेपीसी के पास भेजने की मांग कर रहा था।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश किया।

राज्यसभा में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा जारी है। यह विधेयक विचार और मंजूरी के लिए राज्यसभा में लाया गया है, जिसे लोकसभा ने 11 अगस्त को बिना चर्चा के पारित कर दिया था।

विपक्ष के लगातार विरोध के बीच लोकसभा ने दो विधेयक बिना चर्चा के पारित कर दिए। इन विधेयकों में केरल का नाम बदलने और सहकारी क्षेत्र से जुड़े विधेयक शामिल हैं। विपक्ष हाल में हुए छात्र प्रदर्शनों और अन्य मुद्दों पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बयान देने की मांग कर रहा है, जिसके कारण सदन में विरोध जारी है।

सदन में हंगामे के बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को झारखंड में जारी प्रदर्शन को लेकर टिप्पणी करते हुए सुना गया। उन्होंने छात्रों की जिंदगी के साथ ‘खिलवाड़’ करने का आरोप लगाते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राहुल गांधी के इस्तीफे की मांग की।

राज्यसभा की कार्यवाही फिर शुरू होने पर भाजपा सांसद सुष्मिता देव ने माकपा सांसद जॉन ब्रिटास के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर सफाई दी। जॉन ब्रिटास ने दिन की शुरुआत में सदन के पटल पर तय दस्तावेज रखे जाने के तुरंत बाद यह मुद्दा उठाया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि सुष्मिता देव ने उन्हें ‘लुंगीवाला’ कहकर निशाना बनाया।

सुष्मिता देव ने कहा कि अगर उन्हें लगता है कि उन्हें उनसे मिलकर कुछ कहना चाहिए, तो वह खुशी से ऐसा करेंगी। उन्होंने केरल, पूर्वोत्तर, कर्नाटक और वहां के लोगों से बहुत प्यार होने की बात कही। सदन के नेता जेपी नड्डा ने सुझाव दिया कि संबंधित सदस्य आपस में मिलकर बात कर इस ‘गलतफहमी’ को दूर कर सकते हैं।

विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही फिर शुरू हो गई थी।

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि छात्रों के खिलाफ पेलेट गन, आंसू गैस और कीलों वाली लाठियों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने छात्रों को न्याय दिलाने का वादा किया था, लेकिन उसे पूरा नहीं किया।

कीर्ति आजाद ने सवाल किया कि संसद में आकर जवाब देने वाला कौन था और आज 12 अगस्त को वह कहां हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद आते हैं, लेकिन जवाब देने के लिए सदन में नहीं आते।