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2026-08-01

ईपीएफओ के पूर्व क्षेत्रीय आयुक्त सतीश कुमार को रिश्वत मामले में पांच साल का सश्रम कारावास

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, सागर।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) सागर के तत्कालीन क्षेत्रीय आयुक्त सतीश कुमार को एक बीड़ी कारोबारी से पांच लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में दोषी ठहराया गया है। विशेष न्यायाधीश शहाबुद्दीन हाशमी की अदालत ने उन्हें पांच वर्ष के सश्रम कारावास और पांच लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

अदालत ने आरोपी की बीमारी और पारिवारिक परिस्थितियों के आधार पर सजा में राहत देने की मांग को खारिज कर दिया। अदालत ने टिप्पणी की कि भ्रष्टाचार समाज में प्लेग और कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की तरह फैल रहा है और ऐसे मामलों में नरमी बरतना समाज के लिए गलत संदेश होगा।

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यह मामला वर्ष 2022 का है। प्रसिद्ध बीड़ी निर्माता कंपनी मेसर्स बीआर एंड कंपनी के साझेदार अनिरुद्ध पिंपलापुरे ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) से शिकायत की थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि प्रतिष्ठान के निरीक्षण के बाद अनुकूल रिपोर्ट देने और भारी जुर्माने से बचाने के बदले तत्कालीन क्षेत्रीय आयुक्त सतीश कुमार ने 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।

शिकायत की पुष्टि होने के बाद ईओडब्ल्यू ने योजनाबद्ध कार्रवाई की। शिकायतकर्ता को एक डिजिटल रिकॉर्डर देकर आरोपी से बातचीत के लिए भेजा गया।

रिकॉर्डिंग में 10 लाख रुपये की रिश्वत दो किश्तों (पांच-पांच लाख रुपये) में लेने की बात सामने आई। इसके बाद 5 जून 2022 को ईओडब्ल्यू की टीम ने सनराइज टाउन स्थित शासकीय आवास पर छापा मारकर सतीश कुमार को पांच लाख रुपये की पहली किश्त लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक एल.पी. कुर्मी और सहायक संचालक अरुण मिश्रा ने अदालत के समक्ष डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्य प्रस्तुत किए।

सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष ने अपनी मां के कैंसर से पीड़ित होने और स्वयं के अस्वस्थ होने का हवाला देकर सजा में रियायत की मांग की थी। अदालत ने इसे खारिज करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार प्रशासनिक व्यवस्था को खोखला करने वाली गंभीर सामाजिक बुराई है। एक वरिष्ठ अधिकारी का दायित्व कर्मचारियों और श्रमिकों के हितों की रक्षा करना है, न कि उनका शोषण करना। ऐसे मामलों में नरमी बरतने से समाज में गलत संदेश जाएगा।

इस ट्रैप ऑपरेशन का नेतृत्व तत्कालीन निरीक्षक (वर्तमान डीएसपी) उमा नवल आर्य ने किया था। बरामद रिश्वत की राशि के लिहाज से यह सागर संभाग की बड़ी ट्रैप कार्रवाइयों में से एक मानी जाती है।