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2026-08-03

सरकार सोमवार को संसद में चार अहम विधेयक पेश करने की तैयारी में

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच।

संसद के मानसून सत्र के अंतिम चरण में सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। सत्र समाप्त होने में अब केवल नौ कार्यदिवस बचे हैं।

केंद्र सरकार सोमवार को संसद में चार महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है।

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दूसरी ओर, कांग्रेस सहित विपक्षी दल राम मंदिर दान विवाद और दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति पर अड़े हुए हैं।

लगातार हंगामे के बीच संसद की कार्यवाही प्रभावित हो रही है, हालांकि सरकार का कहना है कि 13 अगस्त को सत्र समाप्त होने से पहले सभी प्रमुख विधायी कार्य पूरे किए जाएंगे।

सरकार का विधायी एजेंडा

सरकार सोमवार को चार महत्वपूर्ण विधेयकों पर जोर देगी।

पहला विधेयक सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक है, जिसके माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में स्वीकृत न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाकर 37 (मुख्य न्यायाधीश के अलावा) करने का प्रस्ताव है। सरकार का मानना है कि इससे लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी।

दूसरा एमएसएमई संशोधन विधेयक है, जिसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को मजबूती देना और विशेषकर बकाया भुगतान में देरी को रोकना है।

तीसरा भारतीय सांख्यिकी संस्थान (आईएसआई) विधेयक है, जिसे कोलकाता स्थित भारतीय सांख्यिकी संस्थान को अधिक मजबूत वैधानिक ढांचा प्रदान करने के लिए लाया जा रहा है।

चौथा बैंकर बही साक्ष्य संशोधन विधेयक है, जो डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के मद्देनजर बैंकिंग रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से संबंधित पुराने कानूनों को आधुनिक बनाने का प्रस्ताव करता है।

सरकार का कहना है कि विपक्ष चर्चा में हिस्सा लेने के बजाय लगातार हंगामा कर रहा है। उन्होंने विपक्ष से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि हर विधेयक पर इसी तरह व्यवधान होगा तो संसद का कामकाज प्रभावित होगा।

विपक्ष के मुख्य मुद्दे

विपक्ष ने सोमवार सुबह फ्लोर लीडर्स की बैठक बुलाकर आगे की रणनीति बनाई है, जिसमें दो प्रमुख मुद्दे उसके निशाने पर हैं।

पहला मुद्दा राम मंदिर दान विवाद है, जिस पर कांग्रेस का आरोप है कि राम मंदिर से जुड़े दान में कथित गड़बड़ी के मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जून में दान पेटी से धन चोरी के आरोप सामने आने के बाद पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी और बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था।

दूसरा मुद्दा छात्र प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई है, जिसे लेकर विपक्ष 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के संबंध में गृह मंत्री अमित शाह से सदन में बयान देने की मांग कर रहा है।

प्रस्तावित एफसीआरए संशोधन विधेयक

सरकार आगे चलकर विदेशी अंशदान विनियमन (एफसीआरए) संशोधन विधेयक भी ला सकती है।

प्रस्तावित संशोधन के तहत एफसीआरए पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं कराने वाले संगठनों की संपत्तियों पर प्रशासन को नियंत्रण का अधिकार देने का प्रावधान किया गया है।

तृणमूल कांग्रेस ने इस विधेयक को संसदीय समिति के पास भेजने की मांग की है।

पूर्व में पारित विधेयक

पिछले सप्ताह भी सरकार ने विपक्ष के विरोध के बीच दो महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराए थे।

इनमें ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान के समान कानूनी संरक्षण देने वाला विधेयक और जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक शामिल हैं।