बुलंद सोच, दिल्ली।
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने अपने दिए गए नोटिस वाले मुद्दों पर चर्चा की मांग करते हुए जोरदार हंगामा किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया और प्रश्नकाल चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सदन विपक्ष द्वारा उठाए गए किसी भी मुद्दे पर किसी भी समय चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन यह चर्चा प्रश्नकाल के बाद होगी। इसके बावजूद विपक्षी सांसदों का विरोध जारी रहा, जिसके बाद ओम बिरला ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
राज्यसभा में सबसे पहले दिवंगत सदस्यों और अन्य लोगों के लिए शोक संदेश पढ़े गए। विपक्षी सांसदों ने अपनी मांगों को लेकर चर्चा शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन सभापति सीपी राधाकृष्णन ने उनसे अपनी बारी का इंतजार करने को कहा। इसके बाद सदन के पटल पर रखे जाने वाले दस्तावेज पेश किए गए। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया। इसके बाद सभापति ने राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को विपक्षी दलों के नेताओं ने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कक्ष में बैठक की। इस बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया, जिसका उद्देश्य संसद में सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति तैयार करना था। इससे पहले, संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने काले कपड़े पहनकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी सहित कई अन्य सांसद शामिल थे।
विपक्ष ने आरोप लगाया कि हाल के छात्र आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों और सांसदों के साथ सुरक्षा बलों ने दुर्व्यवहार किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी करने और तानाशाही तरीके से काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विरोध करने वाले नेताओं और छात्रों को परेशान किया जा रहा है और पुलिस के साथ बिना पहचान वाले लोग भी मौजूद थे। मंगलवार को कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया था।
लोकसभा में चर्चा के दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार नीट पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और पिछले तीन दिनों से यही बात कह रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चर्चा नियमों के अनुसार ही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चर्चा कब होगी, उसकी अवधि क्या होगी और किस नियम के तहत होगी, यह सभी दलों के सदन के नेताओं से बात करने के बाद तय किया जाना चाहिए। रिजिजू ने कहा कि सरकार देश के युवाओं के भविष्य के निर्माण पर चर्चा चाहती है।
मानसून सत्र में जारी भारी हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही एक बार फिर स्थगित कर दी गई। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव और स्पीकर ओम बिरला के बीच तीखी बहस हुई। अखिलेश यादव ने छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि छात्रों के साथ गलत हुआ है, उन्हें न्याय मिलना चाहिए और इस विषय पर सरकार को चर्चा करनी चाहिए। इस पर स्पीकर ने कहा कि सरकार भी इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, तो फिर हंगामा किस बात पर हो रहा है। इसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
लोकसभा की कार्यवाही विपक्ष के हंगामे के बीच दोबारा शुरू हुई। सदन की अध्यक्षता कर रहे कृष्ण प्रसाद टेनेटी ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश के अनुसार कार्यवाही तय कार्यक्रम के मुताबिक चलेगी और चर्चा के लिए दिए गए नोटिस स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसके बाद सदन के पटल पर रखे जाने वाले दस्तावेज पेश किए गए। टेनेटी ने विपक्षी सांसदों से अपनी सीटों पर लौटने और सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की, हालांकि सदन में नारेबाजी जारी रही।
उच्च सदन में विपक्ष के हंगामे के बीच सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार सभी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है। वहीं, इस दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पहले शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें, फिर चर्चा करें। उन्होंने नियम 267 के तहत बहस की मांग की।
मानसून सत्र के तीसरे दिन लोकसभा में एक बार फिर विपक्ष का हंगामा देखने को मिला। सुबह सदन स्थगित होने के बाद दोपहर दो बजे जब फिर से कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्ष का हंगामा जारी रहा। सदन में बोलते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार हर तरह की चर्चा के लिए तैयार है और पूछा कि कब चर्चा करनी है, पहले बताइए। उन्होंने कहा कि सदन में बाधा डालना गलत है और चर्चा नियम के तहत ही की जाएगी।
संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन दोनों सदनों में विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया और नीट पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा की मांग पर अड़े रहे। इसके परिणामस्वरूप दोनों सदनों की कार्यवाही तीन बजे तक स्थगित कर दी गई। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी को असंसदीय भाषा के इस्तेमाल के लिए पूरे मानसून सत्र के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया।
