बुलंद सोच, उज्जैन।
श्रावण मास के पहले सोमवार पर आज उज्जैन में बाबा महाकाल की पहली सवारी निकलेगी। इस दौरान भगवान चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में रजत पालकी से नगर भ्रमण करेंगे। शिप्रा तट पर 1100 वैदिक बटुक मंत्रोच्चार करेंगे।
श्रावण के आगमन के साथ ही बाबा महाकाल की नगरी भक्ति और उत्सव के रंग में रंग गई है। भगवान श्री महाकालेश्वर की पहली सवारी आज शाम 4 बजे श्री महाकालेश्वर मंदिर से निकलेगी।
इस वर्ष पहली सवारी की थीम ‘वैदिक उद्घोष’ रखी गई है। रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट पर 1100 वैदिक बटुक मंत्रोच्चार के साथ बाबा महाकाल का स्वागत करेंगे।
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि सवारी मंदिर के सभा मंडप में विधि-विधान से पूजन-अर्चन के बाद महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाड़ी होते हुए रामघाट पहुंचेगी।
रामघाट पर मां शिप्रा के तट पर भगवान का अभिषेक, पूजन और आरती की जाएगी।
इसके बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर और पटनी बाजार होते हुए पुनः श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी।
सवारी में भजन मंडलियां, जनजातीय दल और विशेष व्यवस्थाएं भी रहेंगी।
आगामी सवारियां और उनकी थीम
श्रावण और भाद्रपद मास में निकलने वाली सभी छह सवारियां अलग-अलग थीम पर आधारित होंगी।
प्रथम सवारी 3 अगस्त 2026 को ‘वैदिक उद्घोष’ थीम पर आधारित होगी। द्वितीय सवारी 10 अगस्त 2026 को ‘विभिन्न लोक नृत्य’ थीम पर निकलेगी। तृतीय सवारी 17 अगस्त 2026 को ‘पुलिस, आर्मी, होमगार्ड एवं बैंड प्रस्तुति’ पर केंद्रित होगी। चतुर्थ सवारी 24 अगस्त 2026 को ‘पर्यावरण संरक्षण’ थीम पर आधारित होगी। पंचम सवारी 31 अगस्त 2026 को ’84 महादेव की झांकी’ के साथ निकलेगी। राजसी (शाही) सवारी 7 सितंबर 2026 को ‘सिंहस्थ महापर्व-2028 की झांकी एवं ड्रोन से पुष्पवर्षा’ की थीम पर आधारित होगी।

