बुलंद सोच, इंदौर।

इस वर्ष मध्य प्रदेश में मानसून की बेरूखी जारी है, जहाँ अब तक औसत से 19 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 20 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 18 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
इंदौर संभाग पर प्रभाव
वर्षा की इस कमी से इंदौर संभाग के जिले भी प्रभावित हुए हैं। संभाग में बुरहानपुर, खरगोन और देवास को छोड़कर, मानसून सीजन में अब तक अधिकांश जिलों में औसत से कम वर्षा हुई है। इंदौर जिले में अब तक औसत से 10 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इंदौर शहर में इस मानसून सीजन में अब तक 400 मिमी वर्षा हुई है, जो औसत से 133.2 मिमी कम है।
आगामी सप्ताह का पूर्वानुमान
प्रभावी मानसून सिस्टम न होने के कारण अगले सप्ताह भी इंदौर संभाग के जिलों को छिटपुट बारिश से ही संतोष करना पड़ेगा। अगले सप्ताह के मध्य में उज्जैन और आलीराजपुर जिलों में ही अच्छी बारिश होने के आसार हैं। ऐसे में इंदौर संभाग में अगले सप्ताह भी कम वर्षा होने की संभावना है।
वर्तमान मौसम प्रणालियाँ
भोपाल स्थित मौसम केंद्र के मौसम विज्ञानियों के अनुसार, वर्तमान में उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। वहीं मानसून द्रोणिका बीकानेर, ग्वालियर होते हुए कम दबाव के मध्य क्षेत्र से पुरी होते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। इसके अतिरिक्त, एक पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान के आसपास और एक ऊपरी हवा का चक्रवात दक्षिण-मध्य महाराष्ट्र के ऊपर बना हुआ है। इन प्रणालियों के प्रभाव से अभी पूर्वी मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश हो रही है। शनिवार को प्रदेश में सात स्थानों पर अति भारी और 19 स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। इसमें पूर्वी मध्य प्रदेश के डिंडोरी, अनूपपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट और मंडला जिले शामिल थे। पश्चिमी मध्य प्रदेश में रायसेन, विदिशा और गुना जिले ही शामिल थे।

